स्थानीय संसाधनों को स्वरोजगार का बनाए जरिया

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सी एस पाण्डेय

समाज में नशा खोरी ,अंधविश्वास और दहेज है कैंसर,

ग्राम स्वराज्य प्रतिनिधियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

बभनी (सोनभद्र)। स्थानीय ब्लॉक के कस्बा स्थित ग्राम निर्माण केंद्र बभनी परिसर में रविवार को दो दिवसीय ग्राम स्वराज्य प्रतिनिधि प्रशिक्षण का आयोजन बनवासी सेवा आश्रम के हमारी भागीदारी योजना के तहत आयोजित की गई ।जिसमे 15 ग्राम स्वराज्य सभा के अध्यक्ष मंत्री और ग्रामीण अगुवाओं ने प्रतिभाग किया।दो दिन चले प्रशिक्षण में युवाओं की समाज और परिवार में भागीदारी,मनरेगा में काम,स्वच्छता,शौचलय का प्रयोग ,पानी का सही सदुपयोग, जंगल बचाने और समाज, शासन,स्वशासन, स्वयं सहायता समूह के जरिए बचत जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने गांव ने किए जा रहे सामुदायिक विकास कार्यों की चर्चा की और युवाओं के पलायन उनकी जीवन शैली पर विचार रखे।विमल कुमार सिंह, केवला दुबे,जगतभाई ने स्थानीय संसाधनों को आधार बना कर रोजगार सृजन की बात कही। कहा कि जो हुनर हम ग्रामीण जानते थे वह भूल रहे है उसे बाजार से खरीद रहे है।चारपाई बुनने और पशु बांधने की रसी भी बाजार से आ रहा है।जो खुद बना सकते है। कहा कि आज कल छठी ,अन्नप्राशन में डी जे बजाने,शराब पीने पिलाने का प्रचलन गरीबी बढ़ा रहा है। लोग जमीन गिरवी रख, सुद पर पैसा लेकर इसमें खर्च कर रहे है।यह परम्परा गलत है।बैठक में युवाओं के साथ बैठक कर वर्तमान समस्याओं पर बैठक करने का निर्णय लिया गया। जल ,जंगल और जमीन के सरंक्षण का संकल्प लिया गया।साथ ही प्रत्येक ग्राम स्वराज्य सभा की बैठक महीने में एक बार आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में शांति बहन,राम सुभाग,मोनिका यादव, रामनारायण, द्वारिका , सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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