इस बजट से गरीबो के जीवनस्तर में सुधार की संभावना नही:आरके शर्मा

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अमित मिश्रा

बजट 2025 में टैक्स छूट और निवेश को देखते हुए यह बजट उच्च वर्ग के लिए

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य और जिला सचिव कामरेड आरके शर्मा ने केन्द्र सरकार द्वारा सदन में पेश किए गए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट 2025 को देखने पर यह प्रतीत होता है कि इसकी प्राथमिकता मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग के लिए अधिक है, जबकि हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया गया है, मध्यम और उच्च वर्ग के लिए अधिक लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। कर छूट और कटौती के बहाने बजट में ₹15 लाख – ₹20 लाख की आय वालों के लिए कर दर 30% से घटाकर 25% कर दी गई है। इसका सीधा लाभ मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग को मिलेगा।

कॉर्पोरेट सेक्टर और एमएसएमईएस को राहत के साथ क्रेडिट गारंटी योजनाओं और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने से व्यापारिक और संपन्न वर्ग को अधिक लाभ मिलेगा। ब्याज दरों में कटौती की संभावना से यह होम लोन और बिजनेस लोन लेने वालों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इससे बैंकिंग सेक्टर को नुकसान होगा। इस बजट में हाशिए के वर्गों के लिए कोई ध्यान नहीं दिया गया । मनरेगा और अन्य सामाजिक योजनाओं में बढ़ोतरी नहीं। रोजगार गारंटी योजनाओं में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया, जिससे ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सीधा लाभ नहीं मिलेगा। स्वास्थ्य और शिक्षा पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया गया जिससे सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के लिए कोई ठोस योजना नहीं दिखती।

कामरेड आर के शर्मा ने कहा कि इस बजट का निष्कर्ष है कि यह बजट मध्यम और उच्च वर्ग के लिए अधिक अनुकूल है, खासकर टैक्स छूट और निवेश को देखते हुए मंहगाई से जूझ रही आम जनता को कोई राहत नही।गरीबों और हाशिए के समुदायों के लिए भी कोई विशेष राहत नहीं है, जिससे उनकी आजीविका और जीवन स्तर में सुधार की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं।

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