जीवन का सार है प्रभु श्रीराम का नाम:रमाकान्त शुक्ला

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अमित मिश्रा

अंतरराष्ट्रीय श्री सीताराम नाम बैंक के सोनभद्र शाखा में भव्य आयोजन, लाखों भक्तों को मिला सम्मान

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में स्थापित अंतरराष्ट्रीय श्री सीताराम नाम बैंक पर मौनी अमावस्या के अवसर पर दस लाख से अधिक राम नाम लिखने वाले भक्तों को शाखा प्रबंधक रमाकांत शुक्ला द्वारा सम्मानित किया गया।

इस दौरान शाखा प्रबंधक रमाकान्त शुक्ला ने बताया कि इस राम नाम बैंक की स्थापना पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास द्वारा की गई थी। आज मौनी आमवस्या पर दस लाख से अधिक राम नाम लिखने वाले भक्तों को “यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि जीवन का सार है। इस कार्यक्रम में प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले भक्तों में अपार श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला।

वही प्रमाणपत्र प्राप्त कर अजय शेखर ने कहा कि यह कोई साधारण सम्मान नहीं है, बल्कि जीवन के सार को समझने और उस पर चलने का प्रमाणपत्र है। इसे पाकर ऐसा महसूस हो रहा है कि जीवन सफल हो गया।”

इसी तरह पारस नाथ मिश्र ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि राम से बड़ा राम का नाम। श्री सीताराम नाम बैंक की यह पहल लोगों को जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

इस पावन अवसर पर स्वर्गीय शारदा प्रसाद पाठक का प्रमाण पत्र उनके पुत्र गोपाल स्वरुप पाठक सहित सत्यपाल जैन, जगदीश पंथी, मिठाई लाल सोनी तथा रोहित तिवारी सहित अनेक भक्तों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

वही भक्तों का कहना था कि यह प्रमाण पत्र सिर्फ एक दस्तावेज नही, बल्कि उनके आध्यात्मिक सफर की अमूल्य धरोहर है।


अंतरराष्ट्रीय श्री सीताराम नाम बैंक की इस अनूठी पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को भगवान श्रीराम के नाम की महिमा से जोड़ना है। इस बैंक के माध्यम से लाखों लोग अब तक श्री सीताराम नाम लिखकर आत्मिक शांति और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर हो चुके हैं। आज के इस पावन आयोजन ने न केवल भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि राम नाम का स्मरण ही जीवन का सबसे बड़ा धन है।

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