विकास भवन परिसर के साथ ही जनपद को भी बनाये प्लास्टिक मुक्त: जागृति अवस्थी

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अमित मिश्रा

विकास भवन में प्लास्टिक की कबाड़ बोतलों से बनाये गए कूड़ेदान को सीडीओ ने सराहा

दीवार पर टांगी गयी विभागवार कूड़ा निस्तारण के लिए जुट की बोरिया

सरकारी विभागों के लिए नजीर बनेगा प्लास्टिक मुक्त विकास भवन

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद की 621 ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त बनाये जाने के अभियान को गति देने के बाद आज विकास भवन को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त बनाए जाने एवं कार्यालयों से निकलने वाले कूड़े के प्रबंधन के लिए मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी द्वारा एक अनूठा प्रयास किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर विकास भवन में फैले हुए सभी तरह के कूड़े को इकट्ठा किया, विकास भवन में प्लास्टिक बोतल, प्लास्टिक, शीशा , रैपर, गुटका की पन्नी सभी तरह के लगभग 2000 किलो से अधिक प्लास्टिक कूड़े इकट्ठा हुए तथा प्रयोग किए गए पानी के 1000 बोतल से प्लास्टिक बैंक बनाया गया जो अपने आप में यूज बोतल से अनूठा कूड़ा दान है। 

विकास भवन में यूज बोतल को इकट्ठा करने के लिए बोतल के आकर का प्लास्टिक बैंक भी लगाया गया जिसमें सभी तरह के बोतल व प्लास्टिक का कूड़ा रखा जा सकता है। वही कार्यालय से निकलने वाले कूड़े के प्रबंधन को विकास भवन के एक दीवार पर सभी विभाग को स्थल आवंटित करते हुए विभाग बार जुट की बोरिया टांगी गई है, जिसमें विभागों में सफाई करने वाले कर्मचारियों के द्वारा सुबह जो भी प्लास्टिक, कागज एवं बोतल इकट्ठा होगा उसको इसी बोरी में डाला जाएगा। विकास भवन के कूड़ा के उचित प्रबंधन के लिए अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र लोढ़ी से जोड़ा गया है।वहां का सफाई कर्मी ई रिक्शा के माध्यम से प्रत्येक तीन दिन में कूड़े को इकठ्ठा कर आरआरसी पर निस्तारण के लिए ले जाएगा।

विकास भवन परिसर से सफाई के दौरान निकला प्लास्टिक कूड़ा


इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बताया कि विकास भवन परिसर को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त किया जाना है तथा यहां आने वाले सभी लोगों को जागरूक किया जाए कि गुटके के रैपर, प्लास्टिक एवं प्लास्टिक के बोतल इधर उधर नहीं फेंके उसको उचित स्थान पर निस्तारण के लिए डालें। विकास भवन के सभी विभाग में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध कर दिया गया है एवं विभाग के कार्यालय में प्लास्टिक की बोतल की जगह स्टील एवं कांच की बोतल का प्रयोग किया जाए।इसके साथ ही फाइल और आफिस डाक पैड समूह के द्वारा जुट का बनाया जा रहा है जिसका प्रयोग करें।

विकास भवन की दीवार पर जो बोरिया लगाई गई है जिस विभाग का सबसे कम प्लास्टिक/बोतल बोरी में इकट्ठा होगा इसका मतलब यह होगा कि वह विभाग सबसे कम प्लास्टिक का प्रयोग कर रहा है जिसको पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी कर्मचारियों का आह्वान किया कि हमको अपने विकास भवन परिसर को पूर्णतया स्वच्छ रखना है। प्लास्टिक से प्रयोग किए गए बोतल से कूड़ेदान का निर्माण किया गया है जो कि अपने आप में एक अनोखा निर्माण है तथा इसका एक संदेश है कि हम कचरे को भी पुनः प्रयोग कर अच्छी चीजों को बना सकते हैं।


इस कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, जिला पंचायत राज अधिकारी नामित शरण, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर, सैनिक कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, अर्थ एवं संख्या अधिकारी सहित विभाग के सभी अधिकारी सहित विकास भवन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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