डॉ राजेन्द्र प्रसाद की जयन्ती पर डीबीए ने मनाया गया अधिवक्ता दिवस

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन द्वारा जनपद कचहरी परिसर में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की मूर्ति पर माला अर्पण कर अधिवक्ता दिवस मनाया गया।

इस अवसर पर डीबीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ अतुल प्रताप पटेल एड ने कहा कि डॉ० राजेन्द्र प्रसाद स्वयं एक विद्वान अधिवक्ता थे। वह भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से थे जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में प्रमुख भूमिका निभाई।

उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में भी अपना योगदान दिया था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे। उन्होंने 12 वर्षों तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने के पश्चात वर्ष 1962 में अपने अवकाश की घोषणा की। सम्पूर्ण देश में अत्यन्त लोकप्रिय होने के कारण उन्हें राजेन्द्र बाबू या देशरत्न कहकर पुकारा जाता था। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 1962 में उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ता दिवस पर एसोसिएशन की तरफ से मांग किया की 18 से 80 साल के सभी अधिवक्ताओं का सामूहिक बीमा कराया जाएगा।अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि 10 लाख करने व अधिवक्ताओं का पेंशन देने की मांग भी उठाई गई।

इस अवसर पर राजेश यादव एड, वीपी सिंह एड, रियाज खान एड, प्रबोध कुमार सिंह एड, सचिन पटेल एड, अभिषेक कुमार मौर्य एड, सत्यम शुक्ला एड, हरि प्रसाद एवं सूरज यादव आदि लोग उपस्थित रहे।

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