मऊ कला में बालश्रम के खिलाफ 20 दिवसीय महाभियान का समापन

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सात गांव बने ‘सुरक्षित बचपन क्षेत्र’, ग्रामीणों ने लिया स्कूल भेजने का संकल्प

सोनभद्र। सोनभद्र विकास समिति और CRY संस्था के संयुक्त तत्वावधान में चलाए गए 20 दिवसीय बालश्रम उन्मूलन अभियान का मंगलवार को मऊ कला में भव्य समापन हुआ। 10 जून से शुरू हुए इस अभियान में जिले के सात गांव—अमौली, माईधिया, रैपुरा, केरवा, सिलहटा, कुकराही और भुईरान—को पूर्णतः बालश्रम मुक्त घोषित कर ‘सुरक्षित बचपन क्षेत्र’ बनाया गया।
अभियान में ‘खेल’ को माध्यम बनाकर जागरूकता फैलाई गई। विभिन्न गांवों में मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच आयोजित कर खिलाड़ियों और दर्शकों ने बालश्रम को प्रतीकात्मक ‘रेड कार्ड’ दिखाया। संदेश दिया गया कि जैसे खेल में नियम तोड़ने वाले को आउट किया जाता है, वैसे ही बालश्रम को भी समाज से आउट करना होगा।
मऊ कला में ‘सामुदायिक रेड कार्ड सर्कल’ में अभिभावकों ने बच्चों से मजदूरी न कराने और नियमित स्कूल भेजने की शपथ ली। घर-घर संपर्क व चौपालों के जरिए ग्राम निगरानी समितियों की बैठकें भी हुईं।
समिति सचिव राजेश चौबे ने कहा, “बच्चों से बचपन छीनकर विकास संभव नहीं। इन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है।” मोबिलाइजर अमरजीत ने बताया कि ग्राम निगरानी समितियां आगे भी सक्रिय रहेंगी। कार्यक्रम में साधना सिंह, रीमा, रीना शर्मा, सुनीता व दिनेश विश्वकर्मा मौजूद रहे।

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