एनजीटी ने प्रभावितों को मुआवजे का दिया आदेश
म्योरपुर / सोनभद्र। गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम में चल रहा दो दिवसीय ग्राम स्वराज सम्मेलन सोमवार को संपन्न हो गया। दूसरे दिन की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। खादी ग्रामोद्योग परिसर में लगी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही।
विचित्रा महाकक्ष में आयोजित सम्मेलन में आश्रम की मंत्री शुभा बहन ने स्वावलंबन और सिंगरौली परिक्षेत्र में प्रदूषण पर विचार रखे। बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने प्रभावित लोगों का आंकड़ा तय कर मुआवजा देने का आदेश दिया है।
रांची से आए रोहित मंडल ने एफपीसी के बारे में बताया कि इसमें पांच डायरेक्टर और दस सदस्य होते हैं, किसानों से खेती और सब्जी उगाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि अरविंद अंजुम ने जीपीडीपी के माध्यम से ग्राम पंचायत के सतत विकास और आदिवासी समाज के उत्थान की बात कही।
एससी/एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने का आश्वासन दिया। किसान फत्ते सिंह ने बताया कि पहले उनके दोनों बच्चे बाहर मजदूरी करते थे, अब वैज्ञानिक खेती से प्रति सप्ताह 10 हजार रुपये की सब्जी बेचते हैं। कहा 20 वर्ष पहले पर्यावरण संतुलन आज से बेहतर था, जंगल कटान रोकने का आह्वान किया।
महिला समूह ने बताया कि समूह बनाकर रोजी-रोजगार शुरू किया और माइक्रोफाइनेंस से कर्ज लेना बंद किया। फूलकुंवारी ने कहा आश्रम से जुड़कर शिक्षा, मनरेगा, जॉब कार्ड, मतदाता सूची, आवास और सड़क के कार्य जीपीडीपी से कराए गए। बेचन भाई ने जैविक खेती का महत्व बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद अंजुम और संचालन शिवशरण सिंह ने किया। इस मौके पर मनोज महाराणा, प्रो. संजय कुमार, चंद्रशेखर प्राण सहित अन्य मौजूद रहे।










