एम्स भोपाल की रिपोर्ट में सिंगरौली के 71 फीसदी बच्चे खांसी से पीड़ित, जैविक खेती पेड़ लगाने का आह्वान
म्योरपुर / सोनभद्र। गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम में दो दिवसीय ग्राम स्वराज सम्मेलन का आयोजन किया गया। रविवार को पहले दिन दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम शुरू हुआ। शिवनारायण और प्रेमदयाल ने गीत प्रस्तुत किए।
देवनाथ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम स्वराज के पांच स्तंभ, लोकतंत्र और महिलाओं की भूमिका पर बताया। रमेश भाई ने 28 ग्राम पंचायतों में प्रबोधन यात्रा, वार्ड सदस्य के महत्व, पंचायत चुनाव, सांवा प्रसंस्करण और नशा मुक्ति पर चर्चा की। उमेश चौबे ने शौचालय उपयोग, टीकाकरण, आंगनबाड़ी, पंचायत कोष और आय के स्रोतों पर जानकारी दी।
ब्लॉक प्रमुख प्रशासक मानसिंह गोंड ने कहा ग्राम स्वराज से पंचायत मजबूत होती है। उन्होंने रासायनिक खेती के नुकसान और जैविक खेती के फायदे बताए तथा पेड़ लगाने का आह्वान किया।
सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के संयोजक रामेश्वर प्रसाद ने औद्योगिक कंपनियों और बिजली परियोजनाओं से हो रहे वायु और जल प्रदूषण और उससे होने वाली बीमारियों पर विस्तार से बताया। पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा ने एम्स भोपाल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि क्षेत्र में बलगम वाली खांसी 75.5 प्रतिशत, मसूड़ों में सूजन 68.5 प्रतिशत, त्वचा रोग 34.6 प्रतिशत लोगों में हैं। सिंगरौली परिक्षेत्र में 100 फीसदी बच्चे धूल के संपर्क में और 71 फीसदी खांसी से पीड़ित हैं।
आश्रम की मंत्री शुभा प्रेम ने एनजीटी आदेश, टॉक्सिकोलॉजिकल लैब और प्रदूषण पीड़ितों को मुआवजे पर कोर्ट के आदेशों की जानकारी दी। मुख्य अतिथि प्रो. संजय सिंह ने भ्रूण हत्या और लैंगिक समानता पर चर्चा की।
संचालन शिवशरण भाई ने और अध्यक्षता तीसरी सरकार के संस्थापक चंद्रशेखर प्राण ने की। इस मौके पर सर्व सेवा संघ अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार, वीरेंद्र राय सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।









