सीएस पाण्डेय
सड़क, नहर की मरम्मत और सफाई न होने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
बभनी (सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। स्थानीय विकास खंड के बभनी गाँव के ग्रामीणों का प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शिव मंदिर से बाजार टोला तक पिछले 18 वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क और क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को त्वरित गति से हल करने की मांग की है।
कीचड़ और गड्ढों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं स्कूली बच्चे और एंबुलेंस ग्रामीणों के अनुसार, शिव मंदिर बभनी से लेकर पुरानी बाजार और प्राथमिक विद्यालय द्वितीय तक जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। सड़क पर अब केवल बड़े-बड़े गड्ढे ही नजर आते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब ये गड्ढे तालाब का रूप ले लेते हैं। इस कीचड़ भरे रास्ते से होकर प्रतिदिन स्कूली बच्चों, आम राहगीरों और आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को भी गुजरना पड़ता है, जिससे हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि वे पिछले 18 साल से इस नारकीय जीवन को जीने को मजबूर हैं।
सड़क निर्माण के लिए ग्राम स्तर से लेकर जिले के जनप्रतिनिधियों तक कई बार गुहार लगाई गई और अखबारों के माध्यम से भी ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन शासन-प्रशासन की तरफ से आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बभनी सरकारी बांध से क्षेत्र की हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है। लेकिन रखरखाव के अभाव में पक्की नहर जगह-जगह से पूरी तरह टूट चुकी है। बांध से छोड़ा जाने वाला पानी किसानों के खेतों तक पहुँचने के बजाय सीधे नदी-नालों में बहकर बर्बाद हो रहा है। इसके चलते किसानों को धान की रोपाई और अन्य फसलों की समय पर सिंचाई करने में भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि फसलों को बर्बादी से बचाने के लिए युद्धस्तर पर नहर की मरम्मत कराई जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से मिथलेश गुप्ता, रविशंकर गुप्ता, अमित, सुरेंद्र गुप्ता और विशिष्ठ सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व किसान







