एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध, फोरलेन सड़कों की मांग उठी
सोनभद्र। बुधवार को तरिया में आदिवासी परिवारों और किसानों के आह्वान पर जल-जंगल-जमीन और अन्नदाताओं की उपजाऊ जमीन बचाने को लेकर पंचायत आहूत की गई। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे और जमीन पर बैठकर आदिवासियों व किसानों का दुख-दर्द सुना।
पंचायत को संबोधित करते हुए संदीप मिश्र ने कहा कि आदिवासी अस्मिता व किसानों की जमीन बचाना हमारा मूल कर्तव्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक विकासवाद के नाम पर जनपद की हजारों हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की योजना बनाई जा रही है, जिससे जनपद प्रदूषण युक्त होगा। इसे मोर्चा और आमजन बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे से सोनभद्र के आमजन को कोई लाभ नहीं होगा। बनाना है तो कलवारी से खलियारी, मुड़धोवा से छत्तीसगढ़ बॉर्डर, हाथीनाला से मध्यप्रदेश बॉर्डर और हाथीनाला से विंढमगंज झारखंड बॉर्डर तक फोरलेन तथा पटवध से पिंडारी व पोखरिया की सड़क बनाई जाए।
पेड़ हैं तो प्राण हैं आंदोलन के संयोजक रामसूरत खरवार ने कहा जल-जंगल-जमीन हमारी धरोहर है, इसे बर्बाद नहीं होने देंगे। लक्ष्मण वादी ने कहा यह लड़ाई आदिवासी अस्मिता और कॉरपोरेट के बीच है, इसमें विजय हमारी होगी।
कार्यक्रम में गुलाब चेरो, बिंदु खरवार, दिनेश पनिका, सुरेश गोंड, विकास गोंड, बिंदु अगरिया सहित सैकड़ों आदिवासी व किसान मौजूद रहे।









