सीसी रोड निर्माण में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

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वीरेंद्र कुमार

O- सोनभद्र में सीसी रोड निर्माण पर गंभीर सवाल

O- एनएच-39 से मुडिसेमर मार्ग पर अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

विंढमगंज (सोनभद्र)। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत एनएच-39 से मुडिसेमर को जोड़ने वाली सड़क पर चल रहे सीसी रोड निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी करार दिया है।

ग्रामीण ओम प्रकाश का आरोप है कि सीसी रोड निर्माण में सीमेंट, गिट्टी और बालू का अनुपात मानकों के अनुरूप नहीं रखा जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य अत्यंत लापरवाही और मनमाने तरीके से किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती संदिग्ध हो गई है।

राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा अधिकतर निर्माण कार्य रात के समय कराया जा रहा है, ताकि दिन में घटिया गुणवत्ता की पोल न खुल सके। ग्रामीणों का दावा है कि सड़क की सतह समतल नहीं है और कई स्थानों पर मोटाई भी मानक से कम दिख रही है। आशंका जताई जा रही है कि सड़क कुछ ही महीनों में उखड़ सकती है।

विभागीय निगरानी पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक न तो संबंधित विभाग के किसी अधिकारी ने मौके पर आकर निरीक्षण किया है और न ही निर्माण सामग्री की जांच की गई है। इससे स्थानीय लोगों में विभाग और ठेकेदार की संभावित मिलीभगत को लेकर संदेह गहराने लगा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं हुई तो यह मामला बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का रूप ले सकता है। उनका कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लिए जीवनरेखा के समान है—इसी मार्ग से बच्चों की स्कूल पहुंच, मरीजों की अस्पताल तक आवाजाही और ग्रामीणों की दैनिक जरूरतें पूरी होती हैं।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य को तत्काल रोककर तकनीकी टीम से गुणवत्ता की जांच कराई जाए। दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि विकास के नाम पर यदि घटिया निर्माण किया गया तो यह न केवल क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा, बल्कि सरकार की साख पर भी सवाल खड़े करेगा।

राष्ट्रीय संदर्भ में सवाल:
देशभर में सड़क निर्माण परियोजनाओं पर भारी बजट खर्च किया जा रहा है। ऐसे में यदि जमीनी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता होता है तो यह केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि विकास मॉडल पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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