नारी शक्ति वंदन अधिनियम समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम, विपक्ष के विरोध की निंदा
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र की एक आवश्यक बैठक मंगलवार को जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह के आवास पर संपन्न हुई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने पर विपक्ष की कड़े शब्दों में निंदा की।
संगठन के वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त माध्यम है। यह अधिनियम महिलाओं की गरिमा, स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त होता है।
संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि आज नवनिर्माण का युग है और इस नवनिर्माण में नारी का सहयोग वांछनीय है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल में घोषा, अपाला, गार्गी, मैत्रेयी जैसी महान रमणियां हुईं। आज उन्हीं की जन्मभूमि पर नारी पर अत्याचार क्यों। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरुद्ध विपक्ष का रवैया समाज के समग्र विकास के प्रति बाधक है।
नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन व नगर महामंत्री जसकीरत सिंह ने कहा कि लंबे समय से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या कम रही है। 33 प्रतिशत आरक्षण से अधिक महिलाएं राजनीति में आएंगी। जिला कोषाध्यक्ष, जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह एवं वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष धर्मराज सिंह ने कहा कि महिला प्रतिनिधि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और महिला रोजगार जैसे विषयों को अधिक संवेदनशीलता से उठा सकती हैं।
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल, राजू जायसवाल एवं रवि जायसवाल ने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व के पदों पर दिखेंगी तो समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ेगा। जिला उपाध्यक्ष पंकज कनोडिया, टीपू अली, दीप सिंह पटेल, नागेंद्र मोदनवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत और नगर निकायों में महिला आरक्षण से अनेक महिलाओं ने सकारात्मक नेतृत्व दिया है।
बैठक में अमित अग्रवाल, अभिषेक केशरवानी, जसराज सिंह, गुरप्रीत सिंह सोखी, अभिषेक साहू, धर्मेंद्र प्रजापति, कुशाग शर्मा, प्रमोद गुप्ता, अमित वर्मा, शिवम केशरी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।






