बयानबाजी से गरमाई यूपी की सियासत: भाजपा विधायक के ‘चिरकूट’ बयान पर सपा का पलटवार

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रवि पाण्डेय

सोनभद्र उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का पारा एक बार फिर चढ़ गया है। सोनभद्र के भाजपा विधायक भूपेश चौबे द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर की गई तीखी टिप्पणी के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा विधायक के बयान पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने करारा पलटवार करते हुए कहा है कि “दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले भाजपा नेताओं को अपने काम और अपने गिरेबान में झांक लेना चाहिए।”

विधायक भूपेश चौबे

सपा सांसद छोटे लाल खरवार ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा विधायक यदि अपने क्षेत्र की जनता की समस्याएं हल नहीं कर पा रहे हैं तो बयानबाजी से सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन इन पर बात करने के बजाय भाजपा नेता राजनीतिक विरोधियों पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं।

सपा सांसद छोटेलाल खरवार

सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि प्रदेश के किसान खाद और बिजली के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष के नेताओं के पास इन सवालों का जवाब देने के बजाय बयानबाजी का समय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ भाजपा नेताओं द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा सनातन परंपरा के सम्मान के खिलाफ है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अदालतों की टिप्पणियां भी भाजपा नेताओं को आईना दिखा रही हैं, लेकिन शायद सत्ता के अहंकार में यह आईना दिखाई नहीं दे रहा।

इधर सपा के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने भी भाजपा विधायक पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की हालत ऐसी हो गई है कि “जहां भांग की दुकान है वहां गांजा बिक रहा है और जहां स्कूल खुलने चाहिए वहां शराब की दुकानें खुल रही हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में विकास के दावे करना खुद में एक बड़ा राजनीतिक मजाक बन गया है।

पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि भाजपा विधायक अपने क्षेत्र में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं करा पाए हैं, इसलिए सुर्खियों में बने रहने के लिए अपनी राजनीतिक हैसियत से ज्यादा बयान दे रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “ऐसे बयान अक्सर वहीं से निकलते हैं जहां से धुआं उठ रहा होता है।”

अविनाश कुशवाहा पूर्व विधायक /राष्ट्रीय सचिव

अविनाश कुशवाहा ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा विधायक को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए, क्योंकि राजनीति में शब्द ही व्यक्ति की पहचान बनाते हैं।

इस पूरे प्रकरण के बाद सोनभद्र से लेकर लखनऊ तक सियासी हलकों में बहस तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल करीब आते ही प्रदेश की राजनीति में इस तरह की तीखी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।

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