अवैध नर्सिंग होम में असुरक्षित ऑपरेशन, दो महिलाओं की बच्चेदानी निकाली

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सी एस पाण्डेय

O- अवैध नर्सिंग हम का काला सच

O- स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में खुलासा संजीवनी सर्जिकल हॉस्पिटल का गंभीर मामला

O- ऑपरेशन के बाद मरीजों को कमरे में बंद कर फरार हुआ संचालक, घंटों तड़पती रहीं महिलाएं

बभनी (सोनभद्र)। जनपद सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुख्य बाजार में संचालित एक निजी नर्सिंग होम में चिकित्सा लापरवाही और अवैध सर्जरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि बभनी स्थित संजीवनी सर्जिकल हॉस्पिटल में शनिवार को असुरक्षित तरीके से दो महिलाओं की बच्चेदानी (हिस्टरेक्टॉमी) निकाल दी गई। मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पर छापेमारी की।

छापेमारी की भनक लगते ही अस्पताल संचालक कथित रूप से ऑपरेशन कराई गई दोनों महिलाओं को कमरे में बंद कर मौके से फरार हो गया। बताया जाता है कि महिलाएं घंटों तक अस्पताल में दर्द से तड़पती रहीं। बाद में पीछे के रास्ते से उन्हें पैदल खेतों की ओर ले जाया गया और छापेमारी समाप्त होने तक खेतों में छिपाकर रखा गया।

पीड़ित महिलाओं की पहचान बुधनी पत्नी लालता, निवासी डूमरपान (छत्तीसगढ़) तथा उर्मिला पत्नी श्याम बिहारी, निवासी बचरा गांव के रूप में हुई है। दोनों महिलाओं ने बताया कि उनका ऑपरेशन कर बच्चेदानी निकाल दी गई। इसके बाद उन्हें बिना नंबर प्लेट की गाड़ी में जबरन बैठाकर किसी अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस दौरान परिजन अस्पताल के बाहर मरीजों की तलाश में भटकते रहे। आरोप है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने जानबूझकर परिजनों को गुमराह किया।

पत्रकारों को धमकाने का भी आरोप

मामले की जानकारी मिलने पर कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों को भी अस्पताल संचालक द्वारा धमकाने का आरोप सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार संचालक ने अपनी “ऊंची पहुंच” का हवाला देते हुए कहा कि अधिकारी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

दलालों के जरिए चल रहा था अवैध धंधा

सूत्रों के मुताबिक बभनी बाजार क्षेत्र में कुछ दलालों के माध्यम से महिलाओं के गर्भाशय निकालने और अवैध गर्भपात जैसे मामलों को चोरी-छिपे अंजाम दिया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी ने इस पूरे नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने दिया नोटिस

छापेमारी करने पहुंचे सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने बताया कि संबंधित अस्पताल को नोटिस जारी कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, मौके पर कार्रवाई न होने को लेकर विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

यह मामला न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अवैध नर्सिंग होम्स की गंभीर वास्तविकता को भी सामने लाता है।

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