अमित मिश्रा
O- गाँव-गरीब-किसान-मध्यम वर्ग खुद को ठगा महसूस कर रहा है: संदीप मिश्र
सोनभद्र। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए नवीनतम बजट को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने बजट को जन-संवेदनहीन करार देते हुए कहा कि यह बजट जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरने में विफल रहा है।
उन्होंने कहा कि यह बजट न तो गाँव की चिंता करता है, न ही गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान और मध्यम वर्ग की वास्तविक समस्याओं को संबोधित करता है। परिणामस्वरूप देश का आम नागरिक स्वयं को आर्थिक रूप से ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
संदीप मिश्र ने रुपये की गिरती स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री यह कहते रहे हैं कि रुपये की गिरावट देश की प्रतिष्ठा को कमजोर करती है, लेकिन इस बजट में रुपये को मजबूत करने का कोई ठोस रोडमैप दिखाई नहीं देता। हालात ऐसे हैं कि आशंका जताई जा रही है कि रुपया आने वाले समय में शतक पार कर सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि बजट में बड़े-बड़े दावे और आंकड़े तो पेश किए गए हैं, लेकिन महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय, मजदूरों की मजदूरी और युवाओं के रोजगार को लेकर कोई प्रभावी समाधान नजर नहीं आता।
संदीप मिश्र ने बजट को खोखला बताते हुए कहा कि
“यह बजट भी पूर्व की तरह एक और बड़ा जुमला साबित हो सकता है, जो जमीन पर आम जनता की जिंदगी में कोई ठोस बदलाव नहीं लाएगा।”
देश के विभिन्न हिस्सों से बजट को लेकर उठ रही आवाज़ें यह संकेत दे रही हैं कि जनता और सरकार के बीच बढ़ती दूरी आने वाले समय में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन सकती है।







