सवर्ण आर्मी ने  जन‑हितकारी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में किए विरोध प्रदर्शन

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सोनभद्र –। सवर्ण आर्मी के पदाधिकारियों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपा। ज्ञापन में सवर्ण समाज की सामाजिक संतुलन, समान अवसर और न्याय‑सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख मांगों को उठाया गया।

सवर्ण आर्मी के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार दुबे ने कहा कि वर्तमान सामाजिक ढाँचे और विधिक व्यवस्थाओं में सवर्ण वर्ग की उपेक्षित संवेदनाओं, अधिकार‑संतुलन और असमानताओं के समाधान के लिए प्रभावी एवं संरचित उपायों की आवश्यकता है। उन्होंने तीन प्रमुख बिंदु प्रस्तुत किए:पहला, एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की समीक्षा या ‘सवर्ण एक्ट’ का गठन। उन्होंने उल्लेख किया कि उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट ने इस अधिनियम के दुरुपयोग की संभावनाओं को उजागर किया है, जिससे व्यक्तिगत पारिवारिक विवादों में भी निर्दोष व्यक्तियों पर प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। अतः दुरुपयोग‑निरोधी प्रावधान जोड़ने या सवर्ण सुरक्षा अधिनियम बनाने की मांग की गई।दूसरा, आरक्षण व्यवस्था का आर्थिक आधार पर पुनर्निर्धारण। दुबे ने कहा कि जातिगत आरक्षण से सामाजिक असंतुलन उत्पन्न हो रहा है और आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के पलायन की समस्या उजागर हुई है। उन्होंने आरक्षण का मानदंड ‘जाति’ के बजाय ‘आर्थिक स्थिति’ बनाकर वास्तविक लाभार्थियों को सहायता प्रदान करने की अपील की।तीसरा, ‘सवर्ण आयोग’ के गठन की आवश्यकता। वर्तमान में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक आयोग मौजूद हैं, परन्तु सवर्ण समाज की समस्याओं, शिकायतों और अधिकार‑संतुलन के लिए कोई संस्थागत तंत्र नहीं है।ज्ञापन में इन मांगों को तत्काल संज्ञान में लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने तथा समयबद्ध नीति निर्णय सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया। इस अवसर पर बृजेश कुमार पांडे, मनीष केसरी, हेमंत तिवारी, पंडित निजानंद शास्त्री, कृष्ण कुमार मिश्रा, सत्यम पांडे, रवि देव पांडे, सुशील देव, मुकेश चोबे, नीतीश आकाश, हरिप्रकाश सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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