सीएस पाण्डेय
बभनी (सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। विकास खंड बभनी के जौराही गांव में ‘हर घर नल योजना’ के अंतर्गत जल आपूर्ति की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम ने दौरा किया। नोडल अधिकारी विजय कुमार गोयल के नेतृत्व में टीम ने घर-घर जाकर पानी की उपलब्धता की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कई घरों में पानी की आपूर्ति नहीं होने की शिकायतें सामने आईं।
ग्रामीणों ने बताया कि पानी की आपूर्ति अनियमित है और कई बार नल से पानी नहीं आता। जौराही गांव के निवासी शिवलखन, शिवप्रसाद, धुजलाल, संजय कुमार, बुद्धराम, रामपाल, महंगूराम और भवन सिंह ने बताया कि उनके घरों में अब तक पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। टीम ने जल परीक्षण टीम के साथ मिलकर पानी की गुणवत्ता की जांच भी की और ग्रामीणों को टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान एक वाल ऑपरेटर, जो स्वयं को घर का मुखिया बता रहा था, आपूर्ति की जानकारी दे रहा था। जब ग्रामीणों ने आपत्ति जताई, तो वह व्यक्ति मौके से चला गया।
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि टीम के दौरे से दो दिन पहले ही उनके घरों में नल लगाए गए हैं और आपूर्ति शुरू हुई है। इससे पहले उन्हें पानी नहीं मिल रहा था।
इस निरीक्षण में जल निगम और अपर जिलाधिकारी भी उपस्थित थे। टीम ने जल परीक्षण किट से पानी की गुणवत्ता की जांच की और महिलाओं को बताया कि एक परीक्षण का शुल्क 20 रुपये है, जो पोर्टल के माध्यम से जमा किया जाएगा।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, ‘हर घर जल’ योजना के तहत देश के 80% से अधिक ग्रामीण घरों में नल जल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं。 हालांकि, जौराही गांव में सामने आई समस्याएं दिखाती हैं कि योजना के क्रियान्वयन में अभी भी सुधार की आवश्यकता है।
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल आपूर्ति से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी परियोजना में खामियां पाई जाती हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए, उम्मीद की जा रही है कि संबंधित विभाग जल्द ही आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि ‘हर घर नल योजना’ का उद्देश्य पूर्ण रूप से साकार हो सके।







