हिंदू समाज का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है: अम्बरीष

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सोनभद्र। सकल हिंदू समाज प्रताप बस्ती,सोनभद्र नगर द्वारा रामलीला मैदान मे हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मंचासीन कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ0 विनय प्रताप सिंह उर्फ गणेश , मुख्य अतिथि/ मुख्य वक्ता केंद्रीय मंत्री व प्रवक्ता विश्व हिन्दू परिषद अम्बरीष ,मातृ शक्ति से अनीता थरड अध्यक्ष राणी सती पूजा समिति व मारवाड़ी मंच, चुल्लू राममाली ,संत समाज से विनय कुमार शुक्ला रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। मुख्य अतिथि/ मुख्य वक्ता केंद्रीय मंत्री व प्रवक्ता विश्व हिन्दू परिषद अम्बरीष  ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि,हिंदू समाज का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश हममें से अधिकांश लोग इसके बारे में समुचित जानकारी नहीं रखते आक्रांताओं ने निरंतर हमारे इतिहास को धूमिल करने का प्रयास किया है। अज्ञानता के कारण आज हम ऐसे लोगों को महान मान लेते हैं, जिन्होंने मंदिरों और मठों को नष्ट करने का कार्य किया तथा हिंदू इतिहास को समाज के समक्ष गलत रूप में प्रस्तुत किया। इतिहासकारों ने हमारे साथ न्याय नहीं किया। गलत लिखने और पढ़ाने का काम किया। अब यह सब नहीं चलेगा। हिंदू समाज जागरूक हो रहा है। भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से है। दुनिया के कई देश हमलों और सांस्कृतिक विघटन के कारण अपनी मूल पहचान खो चुके हैं, लेकिन भारत आज भी अपनी सभ्यता, संस्कृति और आस्था के साथ खड़ा है। चार धाम यात्रा, गंगा, गो-सेवा, मंदिर परंपरा और परिवार व्यवस्था जैसी संस्थाओं ने हमारी सांस्कृतिक जड़ों को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने इन मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया,तभी आज हम अपनी अस्मिता को सुरक्षित रख पाए हैं। हिंदू समाज जितना संगठित और आत्मविश्वासी होगा, देश उतना ही मजबूत बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से है। दुनिया के कई देश हमलों और सांस्कृतिक विघटन के कारण अपनी मूल पहचान खो चुके हैं, लेकिन भारत आज भी अपनी सभ्यता, संस्कृति और आस्था के साथ खड़ा है। चार धाम यात्रा, गंगा, गो-सेवा, मंदिर परंपरा और परिवार व्यवस्था जैसी संस्थाओं ने हमारी सांस्कृतिक जड़ों को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने इन मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया, तभी आज हम अपनी अस्मिता को सुरक्षित रख पाए हैं। आज समाज में हमारी भारतीय संस्कृति समाप्त होती जा रही है। विवाह के पूर्व समारोह को विवाह गीत न कहकर लेडी संगीत के नाम से संबोधित किया जा रहा है। हमें अपनी पुरानी संस्कृति व सभ्यता को बचाकर रखना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ0 विनय प्रताप सिंह उर्फ गणेश  ने उपस्थित सभी व्यक्तियों ,माताओं बहनों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समापन की घोषणा की। तत्पश्चात सभी उपस्थित लोगों ने भारत माता की आरती सामूहिक रूप से किया।कार्यक्रम का सफल संचालन बिमल जालान ने किया। कार्यक्रम में जिला संघचालक हर्ष अग्रवाल,जिला प्रचारक राहुल, नगर संघचालक,संगम गुप्ता,कीर्तन सिंह,महेश शुक्ला,नीरज सिंह,मनोज जालान, जे0बी सिंह, ज्ञानेन्द्र शरण राय , नगर प्रचारक हरेंद्र,बलदेव सिंह, अवध, कृष्ण प्रताप सिंह, आशीष शुक्ला, चित्रा जालान,अंजलि बिक्रम, आदि उपस्थित रहे।

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