नौगढ़ में आवारा कुत्तों, बंदरों और बिल्लियों का आतंक, एक ही दिन में 10 लोग घायल

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चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र में आवारा कुत्तों, बंदरों और बिल्लियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि एक ही दिन में इन जानवरों ने 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और युवक शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोग छत पर कपड़े डालने और छोटे बच्चों को घर के बाहर भेजने से भी डरने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार नौगढ़ निवासी बच्चा केशरी का 5 वर्षीय बेटा रितिक घर के पीछे खेल रहा था। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने उसे घेर लिया और उसके हाथ-पैर में काट लिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे बचाया। इसके बाद परिजन उसे तुरंत नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज करते हुए एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया।

इसी तरह अलग-अलग गांवों में भी जानवरों के हमले की घटनाएं सामने आईं। ठठवा गांव निवासी रंजीत (10 वर्ष) और उसकी बहन अमृता (15 वर्ष) घर के अंदर खेल रहे थे तभी घर में घुसी एक बिल्ली ने काट लिया परिजनों ने दोनों भाई बहन को नागौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां उन्हें एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया, और हिनहुटघाट निवासी मुन्ना (45 वर्ष) को बंदर ने काटा, जबकि दुर्गेश (33 वर्ष) को कुत्ते ने घायल कर दिया। बाघी गांव के अमरजीत (32 वर्ष), मरवटिया निवासी सूबेदार (55 वर्ष), देवखट निवासी आयशा (14 वर्ष), मुन्नीलाल (38 वर्ष) और 3 वर्षीय सृष्टि को भी आवारा कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया।

सभी घायलों को नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए लाया गया, जहां उन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया।

इस संबंध में चिकित्सक डॉ. सत्या ने बताया कि कुत्ते, बिल्ली, बंदर या किसी भी जंगली जानवर के काटने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार निर्धारित तिथियों पर सभी डोज लगवाना भी आवश्यक है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में बढ़ते आवारा जानवरों के आतंक पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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