अमित मिश्रा
सोनभद्र। जिले में कर चोरी के एक बड़े मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे ई-जीएसटी पंजीकरण हासिल कर 5.56 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व हानि पहुंचाने के आरोप में रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने दो व्यापारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई राज्य कर विभाग की शिकायत पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, राज्य कर विभाग के मिर्जापुर मंडल से जुड़ी शिकायत में बताया गया कि आरके इंटरप्राइजेज नामक फर्म ने फर्जी ई-जीएसटी दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2025–26 में 15.10 करोड़ रुपये की इनवर्ड सप्लाई दर्शाई। इसके बाद 25.72 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दिखाई गई, जिससे करीब 1.50 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
इसी तरह, सर्वश्री मलिक ट्रेडर्स के प्रोपराइटर पर भी बड़े पैमाने पर कर चोरी का आरोप है। जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2024–25 में 3.41 करोड़ रुपये और 2025–26 में 65 लाख रुपये के राजस्व को क्षति पहुंचाई गई।
राज्य कर मिर्जापुर की उपायुक्त कनक तिवारी की तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने फर्म आरके इंटरप्राइजेज (उरमौरा, सोनभद्र) के प्रोपराइटर राहुल निवासी पतला देहात, गाजियाबाद, और सर्वश्री मलिक ट्रेडर्स (कम्हारी रोड, रॉबर्ट्सगंज) के प्रोपराइटर साकिब मलिक, निवासी राजौरी, जम्मू-कश्मीर के खिलाफ धोखाधड़ी व संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस और कर विभाग की संयुक्त जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच के साथ लेन-देन के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, ताकि कर चोरी की वास्तविक राशि और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा सके।







