खनन नियमों की अनदेखी, रात के अंधेरे में घनी आबादी से गुजर रहे बोल्डर लदे टिपर

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सोनभद्र। खनन विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि खनन कार्य सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही किया जा सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत इन आदेशों को ठेंगा दिखाती नजर आ रही है। ओबरा थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरटिया गांव मार्ग से अंधेरा होने के बावजूद बोल्डर लदे टिपर धड़ल्ले से गुजरते देखे जा रहे हैं।

नियमों के अनुसार घनी आबादी वाले क्षेत्रों के बीच से खनन वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद भारी-भरकम टिपरों की आवाजाही से न केवल नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा और शांति पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

खनन नियम यह भी स्पष्ट करते हैं कि सूर्यास्त के बाद खनन क्षेत्र में न तो किसी प्रकार की मशीन चल सकती है और न ही किसी मजदूर की मौजूदगी हो सकती है, ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि देर रात्रि तक यह खनन गतिविधि आखिर किसकी सह पर संचालित हो रही है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में तेज रफ्तार से गुजरते टिपर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, वहीं प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों के बावजूद जारी इस गतिविधि ने खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका को कटघरे में ला खड़ा किया है।

अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेते हैं या फिर नियमों की अनदेखी का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

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