दो दिन के प्रवास में सोनभद्र रहेंगे पूज्य संत आचार्य मिथिलेशा नन्दिनी शरण महाराज

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अमित मिश्रा

दो दिवसीय प्रवास पर गुप्तकाशी की धरा पर पधारेंगे पूज्य संत आचार्य मिथिलेशा नन्दिनी शरण महाराज

“ग्राम्य संस्कृति, समृद्धि एवं जीवनबोध” पर संगोष्ठी में होंगे मुख्य अतिथि

सोनभद्र। नगर स्थित ज्योति इंटरनेशनल होटल में 4 मार्च 2025 को “ग्राम्य संस्कृति, समृद्धि एवं जीवनबोध” विषय पर होने वाली संगोष्ठी को लेकर तैयारियों का दौर जोरों पर है। इस आयोजन में सिद्ध पीठ श्री हनुमन्निवास अयोध्या धाम के परम पूज्य संत आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह जानकारी सांस्कृतिक अभियान ‘काशीकथा’ के संयोजक डॉ. अवधेश दीक्षित ने दी।

डॉ. दीक्षित ने बताया कि गुप्तकाशी की पावन धरा पर पूज्य संत की उपस्थिति न केवल धार्मिकता और आध्यात्मिकता का संचार करेगी, बल्कि सोनभद्र की ग्राम्य संस्कृति, समृद्धि और धार्मिक विकास के लिए नई योजनाओं का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा, “हम सबके लिए यह सौभाग्य का विषय है कि पूज्य महाराज के अमृतमय वचनों को सुनने और उनसे प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।”

स्वागत कार्यक्रम और अन्य आयोजन

आयोजन के संयोजक आलोक कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पूज्य महाराज काशी से सीधे सोनभद्र पहुंचेंगे। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर भक्तों द्वारा स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

महाराज श्री का नगर में आगमन के बाद ज्योति इंटरनेशनल होटल में संगोष्ठी में मुख्य उद्बोधन होगा। इसके उपरांत विंध्य कन्या पीजी कॉलेज में बेटियों को पुरस्कार वितरण एवं 251 कन्याओं के साथ सामूहिक सहभोज का आयोजन भी किया गया है।

धार्मिक स्थलों का भ्रमण

संगोष्ठी के पश्चात पूज्य संत आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण महाराज सहस्र शिवलिंग मऊ कला, विजयगढ़ दुर्ग, बाबा मछंदर नाथ और अमला धाम के दर्शन करेंगे। इसके बाद महाराज श्री नगर स्थित सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे।

अगले दिन 5 मार्च 2025 को प्रातः पंचमुखी महादेव का दर्शन-पूजन करने के पश्चात पूज्य महाराज काशी प्रस्थान करेंगे। वहां ‘काशीकथा’ द्वारा आयोजित पंद्रह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन में सम्मिलित होकर शाम को अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेंगे।

बैठक में रही महत्वपूर्ण सहभागिता

इस आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने हेतु बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से डॉ. अवधेश दीक्षित, पंडित आलोक कुमार चतुर्वेदी, पारस मिश्रा, जगदीश पंथी, विनोद चौबे, दयाशंकर पांडे, प्रद्युम्न त्रिपाठी, कमलेश चौबे, प्रमोद गुप्ता, चित्रा जालान, सुशील त्रिपाठी, योगेंद्र बिन्द, प्रभात सिंह चंदेल, मृगांक दुबे, कुंवर चौबे, प्रवीण पांडेय, विनय शुक्ला, विनय विश्वकर्मा, ठाकुर दिग्विजय सिंह, ठाकुर अभय सिंह, बृजेश शुक्ला, लक्ष्मी झा, अरुणेश पांडे, आनंद त्रिपाठी, राज नारायण तिवारी और राकेश सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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