नवीन कुमार
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर देशभक्ति का संकल्प, कोन में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम
कोन (सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। भारतीय जनसंघ के संस्थापक व प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती रविवार को कोन मंडल के 82वें बूथ पर धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने देशभक्ति का संकल्प लिया और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे उपस्थित रहे। उन्होंने डॉ. मुखर्जी के जीवन और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। विधायक ने कहा कि “एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” का नारा देकर डॉ. मुखर्जी ने भारत की एकता की नींव रखी।
मुख्य वक्ता कमलेश तिवारी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर, धीरेन्द्र पटेल और वीरेंद्र राय ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी दृष्टिकोण, शिक्षा में सुधार और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने की भावना पर विस्तार से चर्चा की।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का बलिदान आज के राजनेताओं के लिए प्रेरणा है। वहीं, धीरेन्द्र पटेल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
कार्यक्रम में अलख नारायण शुक्ला, श्रवण कुमार, रमेश चतुर्वेदी, सुनील जायसवाल, दिलीप गुप्ता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मण्डल अध्यक्ष रामलाल चेरो ने किया संचालन मण्डल महामंत्री मनोज तिवारी ने की सभी ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।







