तालाब बन चुकी सड़क पर सपाइयो ने रोपा धान,दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

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नवीन कुमार (9450160945)

O- कोन विंढमगंज मार्ग की बदहाली पर फूटा जनआक्रोश

O- सपा जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक की अगुवाई में सैकड़ों

O- कार्यकर्ताओं का पैदल मार्च, राज्यपाल को संबोधित 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया तहसीलदार को

कोन (सोनभद्र) । वर्षों से बदहाल पड़ी कोन – कचनरवा – विंढमगंज मुख्य मार्ग को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कोन बाजार से लेकर कचनरवा तक पैदल मार्च कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। इस विरोध का तरीका भी अनोखा रहा मार्ग पर जलभराव वाले हिस्से में सपाइयों ने प्रतीकात्मक रूप से धान रोपकर इसे तालाब में तब्दील हो चुकी सड़क करार दिया।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव व पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने किया। उन्होंने कहा कि यह सड़क विंढमगंज से बिहार सीमा तक सैकड़ों गांवों की जीवनरेखा है, लेकिन सरकार की उपेक्षा से यह आज चलने लायक नहीं बची है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, स्कूली बच्चे, मरीज, किसान सभी परेशान हैं, लेकिन शासन-प्रशासन गहरी नींद में है।

वही प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार नागेंद्र राम को राज्यपाल को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रमुख मांगें कोन – विंढमगंज मार्ग को तत्काल गड्ढा मुक्त कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए। तेलगुडवा–कोन मार्ग के कार्य में तेजी लाई जाए।
कोन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति तत्काल हो। कोन क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
कनहर परियोजना, जिसे वर्तमान सरकार ने रोक रखा है, उसे तत्काल शुरू किया जाए ताकि किसान लाभान्वित हो सकें।
हर लैम्पस पर किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।पटवध–बसुहारी मार्ग, जो बिहार को जोड़ता है को मजबूत व दुरुस्त किया जाए।

पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तो समाजवादी पार्टी पूरे जनपद में चरणबद्ध आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ सड़क का नहीं, जन-जीवन, स्वास्थ्य, बिजली, किसान व नौजवानों की समस्याओं को लेकर है। आज सपा कार्यकर्ता सड़कों पर हैं, कल जनता खुद अपनी आवाज उठाएगी।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने भी सपाइयों के साथ अपनी नाराजगी व्यक्त की। एक ग्रामीण ने कहा “सरकार को शर्म आनी चाहिए कि हम सड़क के लिए धान रोपने को मजबूर हैं। अब हम चुप नहीं बैठेंगे। यह प्रदर्शन न सिर्फ क्षेत्र की जमीनी हकीकत को उजागर करता है, बल्कि सरकार को चेताने वाला स्पष्ट संदेश भी देता है। अब देखना होगा कि शासन प्रशासन इस आवाज को कितना गंभीरता से लेता है, या फिर एक और बड़ा जनांदोलन दस्तक देगा।

इस बड़े जनप्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से विजय शंकर जायसवाल, लक्ष्मी जायसवाल, अशोक निराला, चंदन शर्मा, दीपू शर्मा, रमेश सिंह, मुकेश यादव, देवेंद्र कुशवाहा, कांता प्रसाद, प्रदीप कुमार, राजनरायण, विनय सिंह सहित सैकड़ों सपाई शामिल रहे। स्थानीय जनता ने भी जताई नाराजगी।

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