सोनभद्र। सदर लेखपाल संघ की एक आकस्मिक बैठक तहसील परिसर स्थित सभाकक्ष में गुरुवार को हुई, जिसमें समस्याओं को लेकर विचार विमर्श किया गया। बैठक में विचार विमर्श से यह स्पष्ट हुआ कि सभी कार्यों के लिए केवल एवं केवल लेखपाल को ही दोषी ठहराया जाता है, जबकि लेखपाल राजस्व की सबसे निचली कड़ी है, जिसको केवल व केवल रिपोर्टिंग का अधिकार है। बैठक में जिला अध्यक्ष सुबोध सिंह ने कहा कि लेखपाल को रिपोर्टिंग के उपरांत संबंधित अधिकारी को पात्र या अपात्र करने का अधिकार है, लेकिन इसके बावजूद लेखपाल को ही दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार कार्यकारिणी की मीटिंग कर अधिकारी गण को मूलभूत समस्या के संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई निस्तारण नहीं हुआ। तहसील अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि लेखपाल की समस्याओं को लेकर संघ लगातार प्रयासरत है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही समस्याओं का निस्तारण नहीं होता है, तो संघ को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। बैठक में तहसील मंत्री साजिद खान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज सिंह, कोषाध्यक्ष भगवान कन्हैया लाल, श्वेता सिंह, अनीता गुप्ता, सुजाता रूबी आदि लेखपाल मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल उच्च अधिकारियों से मिलेगा और समस्याओं के निस्तारण की मांग करेगा।







