दौलत, शोहरत पर कभी अभिमान मत करना किसी भी जाति मजहब का कभी अपमान मत करना..?

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O कवि सम्मेलन में कौशल्या कुमारी चौहान ने कविता सुनाकर किया मंत्रमुग्ध,,,

सोनभद्र। हिंदी साहित्य पत्रिका असुविधा और शहीद स्थल प्रवंधन टस्ट करारी के तत्वावधान में रविवार दोपहर इंजीनियर संघ सभागार में यथार्थ गीता के उर्दू अनुवादक दिव्य प्रभा पत्रिका के संपादक कुशल संचालक प्रख्यात शायर मुनीर बख्श आलम स्मृति सम्मान छठवां गीतकार ईश्वर विरागी को ग्यारह हज़ार रुपये प्रशस्ति पत्र अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा, मार्कंडेय पाठक वरिष्ठ समाजसेवी गरिमामयी उपस्थिति , सुधांशु शेखर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोनभद्र मुख्य अतिथि बिमलेश त्रिपाठी प्राचार्य पी जी कालेज देउरा राजा शायर धनंजय सिंह राकिम इतिहासकार साहित्य कार डा, जितेंद्र सिंह संजय तथा विशिष्ट अतिथि राष्ट्र पति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी ने आलम साहब के कृतित्व व्यक्तित्व पर विशद चिंतन दिया। कालजयी साधक कौमी एकता समरसता के प्रतीक संबधों में जीवन जीने वाले आलम साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके द्वारा साहित्य योगदान को रेखांकित किया। विषय प्रवर्तन रामनाथ शिवेन्द्र संपादक असुविधा तथा आभार प्रदुम्न त्रिपाठी एड निदेशक शहीद, स्मारक करारी ने किया। प्रथम सत्र विचार गोष्ठी का सफल संचालन भोलानाथ मिश्र शिक्षाविद ने किया तो दूसरे सत्र कवि सम्मेलन का संचालन शायर अशोक तिवारी ने किया। वाणी वंदना चंदौली से आये कवि शिवदास ने,, सुना कर तान वीणा की हृदय में अर्चना भर दे के साथ अतिथियों ने दीपदान कर वाग्देवी को नमन किया तदुपरांत आयोजन शुरू हुआ। सभी कवियों को सृजन सम्मान नकद धनराशि अंगवस्त्र माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। कौशल्या कुमारी चौहान ने अपनी कालजयी रचना, दौलत और शोहरत पर कभी अभिमान मत करना, किसी भी जाति मजहब का कभी अपमान मत करना सुनाकर सबको भावविभोर कर दिया। ओज के कवि प्रभात सिंह चंदेल ने सैनिक की पाती कविता पढ़ कर महफ़िल में चार चांद लगाये और राष्ट्रीयता का स्वर‌ बुलंद किया। कौमी एकजहती पर प्रदुम्न त्रिपाठी की रचना, प्यार मिल्लत की बात करते हैं सबके इज्जत की बात करते हैं, काफी सराही गयी।
काव्यपाठ करने वालों में सुशील राही धर्मेश चौहान, विवेक चतुर्वेदी गोपाल कुशवाहा राधेश्याम पाल सुशील मिश्रा सोन संगीत फाउंडेशन दीपक केसरवानी दिलीप सिंह दीपक सुनील चौचक इसरार अहमद अब्दुल हई अमरनाथ अजेय राधा प्रसाद चौहान ऋषभ तिवारी नीतिन सिंह आशुतोष पांडेय मुन्ना दयानंद दयालू  राकेश शरण मिश्रआदि ने विविधता युक्त रचना सुनाकर सबको विभिन्न रसों से सराबोर कर आयोजन को गतिज उर्जा दिये। खुर्शिद आलम प्रोफेसर कमरुद्दीन आलम नसीम बहन समेत सैकड़ों लोगों ने देर शाम तक करतल ध्वनि से कवियों की हौसला अफ़ज़ाई किये। बीमारी के कारण आयोजन में नहीं पहुंच पाने पर वरिष्ठ साहित्य कार अजय शेखर व डा, अर्जुन दास केसरी के घर जाकर प्रतिनिधिमण्डल नें अंगवस्त्र माल्यार्पण देकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर जय शंकर त्रिपाठी आत्मप्रकाश तिवारी आशीष पाठक विनय गोयल गोपाल स्वरूप पाठक फरीद अहमद अध्यक्ष शहर कांग्रेस हर्ष चौहान अनीशा चौहान ठाकुर कुशवाहा बृज किशोर देव पांडेय जय शंकर त्रिपाठी पुरुषोत्तम कुशवाहा आद्या दूबे सोनल सिंह समेत सैकड़ों लोगों ने देर शाम तक आयोजन का लुत्फ उठाया। उल्लेख नीय है कि इसके पूर्व शेख जैनुल आब्दीन नरेन्द्र नीरव रिंद बनारसी ओम धीरज प्रदुम्न त्रिपाठी को यह पुरस्कार दिया जा चुका है।

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