नौगढ़ दुर्गा मंदिर पोखरे पर मछलियों को चारा खिलाना, बन रहा आकर्षण का केंद्र

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चंदौली जिले के नौगढ़ स्थित दुर्गा माता मंदिर पोखरा इन दिनों आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां सुबह और शाम स्थानीय लोग पोखरे के किनारे बैठकर मछलियों को चारा खिलाने आते हैं। यह गतिविधि क्षेत्र में एक नई परंपरा का रूप ले रही है।

कुछ माह पहले इस मंदिर परिसर के पोखरे में मछलियां छोड़ी गई थीं। अब इनकी संख्या बढ़ने से लोग आकर्षित हो रहे हैं। ग्रामीण घरों से सोयाबीन, आटा या बेसन की छोटी गोलियां बनाकर लाते हैं। जैसे ही चारा पानी में डाला जाता है, मछलियां समूह में आकर लोगों के हाथों से चारा खाती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मछलियों को चारा खिलाना पुण्यदायक कार्य माना जाता है। हिंदू शास्त्रों में जीवों पर दया और अन्नदान को पापों का नाश करने वाला और सौभाग्य बढ़ाने वाला बताया गया है। गरुड़ पुराण में भी जलचर प्राणियों को अन्न देना श्रेष्ठ दान कहा गया है।

स्थानीय ग्रामीणों के बताया बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी सुबह-शाम पोखरे पर पहुंचकर मछलियों को चारा खिलाने में समय बिताते हैं।

यह परंपरा धीरे-धीरे पूरे नौगढ़ में लोकप्रिय हो रही है। लोग न केवल धार्मिक भावना से, बल्कि पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति करुणा भाव से भी इसमें शामिल हो रहे हैं। दुर्गा मंदिर पोखरा अब आस्था के साथ-साथ मानव और प्रकृति के सामंजस्य का उदाहरण भी बन रहा है।

नौगढ़ ग्राम प्रधान पति दीपक गुप्ता ने बताया कि दुर्गा माता मंदिर पोखरा आज श्रद्धा, सौहार्द और शांति का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि अब लोग सुबह-शाम मछलियों को चारा खिलाने आते हैं, जिससे जीवों के प्रति दया और करुणा की भावना बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि पोखरे की स्वच्छता और मछलियों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। दीपक गुप्ता ने चेतावनी दी कि पोखरे में मछली पकड़ना सख्त वर्जित है, और ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पोखरा हमारी आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है, इसकी रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है।

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