राष्ट्रीय पंचांग विशेष: 3 मार्च 2026 को होली पूर्णिमा, देशभर में उत्सव का माहौल

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सुशील तिवारी

काशी (उत्तरप्रदेश) । 3 मार्च 2026, मंगलवार को देशभर में फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर होली पूर्णिमा, धुलेंडी तथा कई धार्मिक पर्व मनाए जाएंगे। वैदिक पंचांग के अनुसार इस दिन पूर्णिमा तिथि शाम 5:07 बजे तक रहेगी, इसके बाद प्रतिपदा प्रारंभ हो जाएगी।

इस वर्ष होली पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक संयोग बन रहा है। पूर्णिमा के साथ-साथ श्री चैतन्य महाप्रभु जयंती और लक्ष्मी जयंती भी मनाई जाएगी। कई स्थानों पर खग्रास चंद्रग्रहण का प्रभाव भी रहेगा, जिसे लेकर ज्योतिषाचार्यों ने सावधानी और मंत्रजप की सलाह दी है।

होलाष्टक का समापन

फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से प्रारंभ हुआ होलाष्टक पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। शास्त्रों के अनुसार इस अवधि में विवाह, गृहप्रवेश, भूमि पूजन और नए कार्यों की शुरुआत वर्जित मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इसी काल में भक्त प्रह्लाद पर अत्याचार हुए थे और अंततः होलिका दहन हुआ था।

🕉 शुभ मुहूर्त व काल

  • ब्रह्ममुहूर्त: प्रातः 5:09 से 5:58
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:15 से 1:02
  • राहुकाल: दोपहर 3:35 से 5:03
  • सूर्योदय: 6:47
  • सूर्यास्त: 6:31

(समय काशी मानक पर आधारित)

धार्मिक परामर्श

धर्मशास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा एवं व्रत के दिन तिल के तेल का प्रयोग और दाम्पत्य संबंध वर्जित माने गए हैं। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दिन स्नान, दान, हवन, मंत्रजप और भगवान विष्णु की आराधना विशेष फलदायी होती है।

देशभर के मंदिरों और आश्रमों में होलिका दहन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रशासन ने भी प्रमुख शहरों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

होली पूर्णिमा के साथ ही रंगों के पर्व की शुरुआत होगी और अगले दिन धुलेंडी पर देश रंगों में सराबोर नजर आएगा।

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