नाम हमारा सोनभद्र है, दीपक जैसी हालत है : कवि यथार्थ विष्णु

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

सी एस पाण्डेय

O- उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर कवि गोष्ठी में देर रात तक झूमते रहे श्रोता

बभनी (सोनभद्र)। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस एवं मिशन शक्ति अभियान – नारी सृजन से सशक्तिकरण के अंतर्गत शनिवार की संध्या जनता शिक्षण संस्थान में एक भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्य और संवेदना से ओत-प्रोत इस कवि सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों की रचनाओं पर श्रोता देर रात तक मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ शिक्षक एस.के. पाण्डेय, प्रबंधक कासीम हुसैन एवं डॉ. विजय शुक्ला द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात कवियों ने सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और नारी सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली काव्य पाठ प्रस्तुत किया।

कवि सम्मेलन में नरसिंह साहसी, बेहर बनारसी, सुनील चऊचक, अल्का केसरी आयरा, यथार्थ विष्णु, रामगोपाल, भागवत धामी, आशीष एवं सूर्यकांत (अपने कवि) ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

कवि यथार्थ विष्णु की पंक्तियाँ-
“नाम हमारा सोनभद्र है, दीपक जैसी हालत है…” ने सभागार में विशेष तालियाँ बटोरीं। वहीं “हाथों में तलवार उठाए रहना, चूड़ी पहने मत रहना”, “राम तेरी गंगा मैली हो गई शासन-सत्ता गठबंधन में”, “पढ़ने को भेजे जाते हैं बेटे, पढ़ जाती हैं बेटियाँ” जैसी कविताओं ने सामाजिक यथार्थ और नारी सशक्तिकरण के मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर जनता शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. अमर देव पाण्डेय, राम प्रकाश, हृषिकेश पाण्डेय, प्रियाशु शर्मा, नरेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन साहित्यिक उल्लास और तालियों की गूंज के साथ हुआ।

Leave a Comment

1347
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?