मां ने पुलिस पर बेटे को फर्जी तरीके से फंसाने का लगाया आरोप, एसपी से लगायी न्याय की गुहार

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अमित मिश्रा

पीड़ित मां शिलवन्ती देवी ने डाला पुलिस पर लगाया गम्भीर आरोप

शीलवन्ति का आरोप है कि डाला पुलिस ने उसके बेटे को फर्जी मुकदमे में फंसाया है

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)।जनपद पुलिस का एक ऐसा कारनामा सामने आया कि मजदूरी करने वाले एक युवक को फर्जी तरीके से गांजा तस्करी के आरोप में जेल भेज दिया। जिस पर युवक की मां ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाया है कि उसके बेटे को डाला पुलिस फर्जी तरीके से गांजा बेचने के आरोप के जेल भेजा है। 

शीलवन्ति देवी पत्नी शिव शंकर निवासी कोटा खास थाना चोपन ने डाला पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि डाला पुलिस उसके बेटे को फर्जी गांजा के मुकदमे में फंसा दिया है।

शीलवन्ति ने बताया कि उसका बेटा राकेश कुमार उर्फ रवि जो महाराष्ट्र स्थित एक निजी कंपनी में काम करता है। जिसका वेतन डाला शाखा स्थित एक बैंक में आता है। उसका पुत्र रवि शर्मा अपने मित्र ईश्वर की बहन के विवाह में 19 अप्रैल को दो बार हस्तानान्तण के जरिये उसके बैंक खाते में ₹70,000/- (सत्तर हजार) हस्तानान्तरित किया था जो ईश्वर द्वारा उसके बेटे को 28 अप्रैल को नगद वापस कर दिया था।

पीड़ित मां ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए बताया कि घटना 28 अप्रैल समय लगभग 19.55 बजे उसका बेटा अपने चाचा के चाय नाश्ते की दुकान पर ग्राम कोटा पर था। इस बीच डाला पुलिस चौकी इन्चार्ज आशीष पटेल और अपने हमराही व दो अन्य व्यक्ति जो सादे ड्रेस में  थे आये और बेटे से चाचा गोविन्द के विषय में पूछने लगे। उसके बेटे में जब कारण जानना चाहा तो मां-बहन की भद्दी-भद्दी गाली देते हुए चाचा की दुकान से उसके बेटे को जबरदस्ती उठाकर अपने प्राइवेट चार पहिया वाहन में बैठा लिया और डाला पुलिस चौकी लेकर आये।

शीलवन्ति ने एसपी से गुहार लगाते हुए कहा कि उसके बेटे और चौकी इंचार्ज व मौजूद सिपाही के मोबाइल के लोकेशन जांच लिया जाय तो मामले की सच्चाई सामने आ जायेगी। शीलवन्ति ने डाला पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया कि उनके बेटे से मारपीट कर व डरा धमका डाला से कजरहट कोटा मार्ग पर ले जाकर उसके हाथ में एक झोला पकड़ा कर गाँजा में साजिशन गलत तरीके से चालान कर दिया गया। जबकि न्यायालय ने उसके पैसे 68,650 को अवमुक्त करने का आदेश दिया है।

पीडित मां ने बताया कि उसका बेटा कोई गैर कानूनी कार्य नहीं करता है अगर पूरे मामले की जांच करते हुए न्याय दिलाया जाय ताकि उसका बेटा निर्दोष साबित होकर फिर से अपने काम धंधे पर लौट सके।

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