मोदी सरकार ग्यारह सालो से जाति और धर्म के नाम पर नफरत फैला रही है

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अजीत सिंह

यूजीसी के नये नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक मोदी सरकार पर तमाचा – प्रमोद तिवारी


प्रतापगढ़(उत्तर प्रदेश)।  यूजीसी के नये नियमो इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाये जाने के अंतरिम निर्णय पर कांग्रेस नेता व राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस अंतरिम रोक से यह स्पष्ट हो गया है कि विशेषज्ञों एवं स्कालर्स की एक समिति बने और तब तक यूजीसी के पुराने नियम ही लागू रहेंगे।

विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि भाजपा सरकार बांटो और राज करो की तर्ज पर अंग्रेजी हुकूमत की तरह काम कर रही है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा देश की जनता का ध्यान मंहगाई, बेरोजगारी, डीजल-पेट्रोल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतो से ध्यान हटाने के लिए यह सरकार जाति, धर्म, वर्ग और क्षेत्र के नाम पर लोगों को बांटकर सत्ता में बने रहना चाहती है।

सासंद प्रमोद तिवारी ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इसके डीएनए में अंग्रेजों का जहर चला गया है। उन्होने कहा कि पिछले लगभग ग्यारह सालों से मोदी सरकार जाति और धर्म के नाम पर लोगों में नफरत फैला रही है। उन्होने कहा कि भाजपा जब से सत्ता में आयी है संविधान की शपथ लेकर संविधान की हत्या कर रही है। उन्होने कहा कि जुमले के तौर पर पीएम मोदी के द्वारा फेंके गये पन्द्रह लाख रूपये को जनता भूल जाय और जनता में इतना भ्रम फैला दिया जाय कि वे सभी मुद्दे भूल जायं। उन्होने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम निर्णय के बाद अब पीएम मोदी को पूरे राष्ट्र से क्षमा मांगनी चाहिए।

उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के कारण लोगों में वर्ग संघर्ष फैल गया है। उन्होने कहा कि केन्द्र की बीजेपी सरकार उस सिद्धान्त को पूरी तरह भूल गयी है कि सरकार का उत्तरदायित्व है कि जहां भी अशांति हो वहां शांति का वातावरण तैयार करे। उन्होने कहा कि जाति, धर्म और वर्ग के नाम पर लोगों में आग लगाने का काम कर रही बीजेपी को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

उन्होने कहा कि भाजपा सरकार न देश की हितैषी है, न ही देशवासियों की। उन्होने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता की लालच में किसी भी हद तक गिर सकती है। सांसद प्रमोद तिवारी ने यूजीसी को लेकर सर्वाेच्च न्यायालय के इस निर्णय को देश में शांति का मार्ग प्रशस्त होने का निर्णय कहा।

उन्होने यह भी कहा कि देश के मुख्य न्यायाधीश की इस निर्णय को लेकर यह टिप्पणी भी स्वागत योग्य है जिसमें केन्द्र सरकार की नीति व नीयति पर सवालिया निशान लगाया गया है। सांसद प्रमोद तिवारी का यह बयान गुरूवार को यहां मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।

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