अमित मिश्रा
सोनभद्र । प्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती, दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी और समाज विशेष पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को सोनभद्र में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग को सौंपा और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा 45% तक बिजली दरों में बढ़ोतरी का जो प्रस्ताव दिया गया है, वह न तो जनहित में है और न ही व्यापार हित में। उन्होंने इसे वापस लेने की मांग की। साथ ही उन्होंने उर्जा मंत्री द्वारा वैश्य समाज पर की गई टिप्पणी को समाज की एकता और सम्मान पर आघात बताया। उनके अनुसार, व्यापारी वर्ग देश को आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और ऐसी टिप्पणियां समाज को ठेस पहुंचाती हैं।
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष संदीप सिंह चंदेल व महामंत्री राजेश बसल ने सवाल उठाया कि जब उपभोक्ता समय से बिलों का भुगतान कर रहे हैं तो फिक्स चार्ज क्यों वसूला जा रहा है? उन्होंने यह भी बताया कि स्मार्ट मीटर औसतन चार से पांच गुना अधिक रीडिंग दे रहे हैं, जिसे चेक मीटरों ने भी साबित किया है।
युवा जिला अध्यक्ष रमेश जायसवाल और कोषाध्यक्ष अजीत जायसवाल ने कहा कि जिन कंपनियों को स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका दिया गया है, उन्हें गोवा में पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। उन्होंने इस अनुबंध की समीक्षा कर जनता को राहत देने की मांग की।
व्यापार मंडल ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग छोटे-छोटे बकाया जैसे 500, 2000 या 5000 रुपये की राशि पर आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों के कनेक्शन काट रहा है, जबकि बड़े बकायेदारों और प्रभावशाली लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इससे व्यापारी वर्ग और आम जनता में गहरा असंतोष है।
प्रतिनिधिमंडल ने सभी बिंदुओं पर राज्य सरकार से शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रकाश केशरी, संगठन मंत्री सुरेन्द्र सिंह, नगर अध्यक्ष आनंद जायसवाल, युवा उपाध्यक्ष आनंद गुप्ता, बलराम सोनी, फल-सब्जी मंडी अध्यक्ष श्याम बाबू, इलेक्ट्रॉनिक अध्यक्ष दिनेश गुप्ता, आईटी सेल अध्यक्ष अजय केशरी, सरदार गुरुबचन सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण मौजूद रहे।







