संयुक्त रूप से कम्युनिस्ट दलो सहित विभिन्न संगठनो ने किया राष्ट्रव्यापी हड़ताल

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अमित मिश्रा

चुर्क तिराहे से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाल कर किया जोरदार प्रदर्शन

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)।  केंद्रीय श्रमिक संगठनों के राष्ट्र व्यापी हड़ताल के समर्थन में कम्युनिस्ट दलो, खेत मजदूर यूनियन , संयुक्त किसान सभा, आदिवासी विकास मंच तथा मनरेगा मजदूरों द्वारा चुर्क तिराहे से जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर एडीएम को राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन सौपा गया। इस दौरान वक्ताओं ने बताया कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ और राष्ट्रीय आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए 19 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल किया गया है।

वही प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा केंद्रीय नए श्रम कोड, जिसमे श्रम कानूनों में मज़दूर-विरोधी प्रावधानों और किसान – विरोधी प्रावधानों से मजदूरों को गुलामी की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है। ठेकेदारी प्रथा को खत्म किए जाने, न्यूनतम वेतन रूपये 26000 किए जाने,सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के निजीकरण का विरोध, आंगनबाड़ी, आशा बहू, मिड डे मील आदि स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मी घोषित किए जाने, एम एस पी लागू किए जाने के अलावा 19 सूत्रीय मांगों को लेकर यह राष्ट्र व्यापी हड़ताल किया जा रहा है।

इस मुद्दे पर और केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हम सड़कों पर उतरे हैं। हड़ताल की प्रमुख मांगो में

चारों श्रम संहिताओं को तत्काल रद्द किया जाय, सभी मज़दूरों के लिए ₹26000 न्यूनतम वेतन और ₹9000 न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित हो। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।महंगाई पर रोक लगे, आवश्यक वस्तुओं से जीएसटीहटे, सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण रोका जाए। यूनियन बनाने और सामूहिक सौदेबाज़ी के अधिकारों का सम्मान हो। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पानी जैसी ज़रूरतों की सार्वजनिक गारंटी हो। बिजली का निजीकरण रोको, स्मार्ट मीटर बंद करो। किसानों को फसल पर एमएसपी की गारंटी की जाए।वन अधिकार कानून में जनविरोधी संशोधन रद्द करो ।
वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यह हड़ताल सिर्फ एक दिन का विरोध नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष की शुरुआत है। मजदूर वर्ग अब पीछे नहीं हटेगा , संविधान, अधिकार और रोटी की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है।
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इस धरना प्रदर्शन में भाकपा के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, लालता तिवारी, सीपी माली, माकपा के जिला मंत्री कामरेड नंद लाल आर्य, कामरेड प्रेम नाथ, भाकपा (माले) के जिला सचिव सुरेश कोल, शंकर कोल, नंद लाल यादव,.एटक के नेता राजेन्द्र प्रसाद, इंटक के नेता हरदेव नारायण तिवारी, बृजेश त्रिपाठी, सीटू के नेता कामरेड लाल चंद्र ,एक्टू के नेता कामरेड कलीम, खेत मजदूर यूनियन के नेता देव कुमार विश्वकर्मा, पुरुषोत्तम, बसावन गुप्ता, किसान सभा के नेता कामरेड अमरनाथ सूर्य, महेंद्र सिंह सहित सभी दलो व ट्रेड यूनियन के लोग शामिल रहे।

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