बलिया नाला का संयुक्त टीम ने एनजीटी के निर्देश पर किया जांच

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अमित मिश्रा

संयुक्त टीम ने बलिया नाला की दुर्दशा देख जताई चिंता और नाराजगी

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में स्थापित औद्योगिक इकाईयो से म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बुधवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने एनसीएल दुद्धी चुआ खदान क्षेत्र के साथ अन्य जगहों पर स्थलीय निरीक्षण कर पानी का सैंपल लिया।

इस दौरान सहायक पर्यावरण अभियंता जेएन तिवारी, जल निगम के अधिशासी अभियंता ग्रामीण अरुण सिंह के साथ राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव और वन विभाग से एसके दुबे,आरके पांडेय व एनसीएल प्रबंधन के लोग मौजूद रहे।

एनसीएल दुद्धी चुआ खदान के ईटीपी, हनुमान मंदिर स्थित नाला, जयंत बॉर्डर स्थित नाला, बलिया नाला, तेलगवां बॉर्डर पर बह रहा नाला के साथ शिवाजीनगर नाला का निरीक्षण कर पानी का सैंपल लिया गया। बलिया नाला स्थित कोयला मिश्रित दूषित पानी पर चिंता जताया गया।

जनहित याचिकाकर्ता सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के रामेश्वर प्रसाद व अशोक ने आरोप लगाते हुए कहा कि खदान क्षेत्र का दूषित पानी सीधे रिहंद जलाशय में छोड़ा जा रहा है जिससे लोग गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जनहित याचिकाकर्ता  ने बताया कि वर्ष 2018 मे टैक्सोंलॉजिकल लैब स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन आज तक 7 साल बीतने के बावजूद स्थापित नहीं हो सका।जों चिंता का विषय है। बलिया नाला में पहले ही दूषित पानी की पुष्टि बोर्ड ने हलफनामा के साथ एन जी टी को दी है लेकिन सुधार नहीं हो रहा।

वरिष्ठ पर्यावरण कार्यकर्ता ने जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट में एनजीटी में जनहित याचिकाकर्ता सिंगरौली एवं सोनभद्र में कई दशकों से पर्यावरण पर काम करने वाले वरिष्ठ पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा ने अभी तक बलिया नाला मामले मे कोई कार्रवाई न होने पर कड़ी आपत्ति जताई है।

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