सी एस पाण्डेय
बभनी (सोनभद्र)। श्री शैलम से रामेश्वरम तक की लंबी पैदल तीर्थयात्रा पर निकले महापुरुष ईश्वर रेड्डी सोमवार को जनपद सोनभद्र के बभनी पहुंचे। उनके बभनी मोड़ पहुंचते ही सनातनी समुदाय में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति सहित अन्य सनातनी संगठनों और श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान ईश्वर रेड्डी को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके ठहरने की व्यवस्था पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में की गई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनसे भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
4200 किलोमीटर की तपस्वी यात्रा
जानकारी के अनुसार ईश्वर रेड्डी ने यह पैदल तीर्थयात्रा जुलाई 2025 में श्रीशैलम से प्रारंभ की थी। अब तक वे लगभग 4200 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुके हैं। श्रीशैलम से निकलकर उनकी यात्रा गुजरात के गिरनार तक पहुंची, इसके बाद वे काशी होते हुए सोनभद्र जनपद के बभनी पहुंचे।
मंगलवार को आगे की यात्रा
ईश्वर रेड्डी मंगलवार सुबह आठ बजे बभनी से आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। बभनी से वे छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश होते हुए तमिलनाडु के रामेश्वरम पहुंचेंगे। रामेश्वरम में दर्शन-पूजन के उपरांत वे पुनः वाराणसी लौटेंगे, जहां उनकी यह ऐतिहासिक पैदल तीर्थयात्रा संपन्न होगी।
यात्रा का उद्देश्य
ईश्वर रेड्डी ने बताया कि उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक जागरण, भक्ति और आत्म-चिंतन है। वे मार्ग में पड़ने वाले तीर्थस्थलों पर दर्शन कर सनातन संस्कृति का संदेश दे रहे हैं। यात्रा के दौरान वे श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप रुद्राक्ष भी भेंट कर रहे हैं।
सनातनी समाज की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष मनोज पाण्डेय, विकास दत्त पाण्डेय, डॉ. संदीप सिंह, श्याम जी पांडेय, मनीष केशरी, अरुण सिंह, जुगल किशोर चतुर्वेदी, नंदलाल पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में सनातनी हिंदू उपस्थित रहे। सभी ने इस पदयात्रा को सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने वाला बताया।







