कलेक्ट्रेट में मानदेय वृद्धि पर भव्य सम्मान समारोह, 460 अनुदेशकों को मिला 17,000 रुपये का प्रतीकात्मक चेक
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के कलेक्ट्रेट सभागार में आज उच्च प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ कहे जाने वाले अंशकालिक अनुदेशकों के लिए सम्मान का एक नया अध्याय लिखा गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के कुल 24,517 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में की गई ऐतिहासिक वृद्धि के क्रम में जिला प्रशासन एवं बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह एवं मानदेय वितरण शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस निर्णय से अकेले जनपद सोनभद्र के 460 कार्यरत अनुदेशकों को सीधे तौर पर इस बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलना आरम्भ हो गया है। बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाओं में 100 या उससे अधिक छात्र नामांकन होने पर ही अनुदेशकों का पद सृजित होता है, जहां नियमानुसार अधिकतम 3 अनुदेशकों की नियुक्ति का प्रावधान है। ये अनुदेशक खेल, कला, गृहशिल्प और कार्यानुभव जैसे विषयों के विशेषज्ञ हैं, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान यह तथ्य भी रेखांकित किया गया कि पूर्व में कुल 41,000 अनुदेशकों के सापेक्ष अब प्रदेश में केवल 24,296 अनुदेशक ही शेष रह गए हैं। कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तर (लखनऊ) पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में बड़ी स्क्रीन पर किया गया। जैसे ही लखनऊ से प्रदेश के समस्त अनुदेशकों के कल्याण और मानदेय वृद्धि की आधिकारिक घोषणा की गई, पूरा कलेक्ट्रेट परिसर अनुदेशकों की करतल ध्वनि और खुशी से गूंज उठा। समारोह का मुख्य आकर्षण अनुदेशकों को अप्रैल माह के बढ़े हुए मानदेय के रूप में 17,000 रुपये का प्रतीकात्मक चेक वितरित करना रहा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद के प्रभारी मंत्री राज्य मंत्री समाज कल्याण उत्तर प्रदेश सरकार संजीव सिंह गोड़ ने अनुदेशकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने सभी कार्यरत शिक्षकों व कर्मियों को 5 लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देने और मानदेय को बढ़ाकर 17,000 रुपये करने का यह ऐतिहासिक कदम उठाया है।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अनुदेशकों को प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चे हमेशा अपने शिक्षकों के व्यवहार का अनुकरण करते हैं, इसलिए सभी शिक्षक और अनुदेशक बच्चों को मूल्य आधारित शिक्षा दें। सदर विधायक भूपेश चौबे ने अनुदेशकों को सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे सामाजिक विषयों पर चर्चा कर बच्चों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाने की सलाह दी। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनद पाण्डेय, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा नन्द लाल गुप्ता एवं घोरावल विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र मौर्य भी उपस्थित रहे।






