नौगढ़(चंदौली) तहसील क्षेत्र के अमदहां चरनपुर गांव में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जयमोहनी रेंज के वन विभाग की टीम जेसीबी और पुलिस बल के साथ गांव में पहुंची और एक पुराने कुएं को पाटने की कार्रवाई शुरू की। यह कुआं गांव के निवासी प्रताप कोल के घर के पास स्थित था।
प्रताप कोल ने आरोप लगाए कि जब इस कार्रवाई का विरोध किया तो कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई और वन विभाग के कर्मचारियों ने उनकी पत्नी के साथ भी दुर्व्यवहार किया और कपड़े खींचे गए। इतना ही नहीं, प्रताप कोल का आरोप है कि उनकी झोपड़ी में जानबूझकर आग लगा दी गई, जिससे घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पूरा घर जल चुका था।
वन विभाग ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, इस मामले में जयमोहनी रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी मकसूद आलम ने पीड़ित पक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि, “किसी महिला के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई और न ही किसी ने झोपड़ी में आग लगाई। प्रताप और उनकी पत्नी ने ही आग लगाई है और झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह सब नाटक रचा गया है जो विभागीय काम में बाधा डालने और भ्रम फैलाने की साजिश है।
वन अधिकारी का कहना है कि संबंधित भूमि वन क्षेत्र में आती है और अतिक्रमण हटाने की नियमित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही थी।







