चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में वन विभाग ने आरक्षित वन भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। काशी वन्य जीव प्रभाग, रामनगर वाराणसी के अंतर्गत जयमोहनी रेंज के तेंदुआ भैसोड़ा-14 आरक्षित वन क्षेत्र में निर्माणाधीन पक्के पिलरों को ध्वस्त कर दिया गया। संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वन अपराध का मुकदमा भी दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वन विभाग को जयमोहनी रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र तेंदुआ भैसोड़ा-14 में वन भूमि पर अवैध पक्के निर्माण की सूचना मिली थी। इस सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव के निर्देश पर रेंज स्टाफ ने शनिवार को मौके पर निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि मझगांवा निवासी राजेश पुत्र बाबूलाल बिना किसी वैध अनुमति के आरक्षित वन भूमि पर पक्के पिलरों का निर्माण करा रहे थे।
निरीक्षण के दौरान वन संरक्षण अधिनियम, 1980 और उत्तर प्रदेश वन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन पिलरों को ध्वस्त कर अवैध निर्माण कार्य को पूरी तरह रोक दिया। आरोपी के विरुद्ध वन अपराध का मामला भी दर्ज कर लिया गया है।

वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि आरक्षित वन भूमि राष्ट्रीय संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या निर्माण पूरी तरह अवैध है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अमित श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि जेसीबी उपलब्ध होते ही अवैध निर्माण में प्रयुक्त लोहे के सरिया और अन्य सामग्री को भी उखाड़कर जब्त किया जाएगा।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी वन भूमि पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण या कब्जे की सूचना मिले, तो इसकी जानकारी तत्काल वन विभाग को दें।
इससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।





