किसानों ने उपकृषि निदेशक कार्यालय का किया घेराव, जताया आक्रोश

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“का बरसा जब कृषि सुखाने” – मिनी किट न मिलने पर भड़के किसान

सोनभद्र । मंगुराही स्थित उपकृषि निदेशक कार्यालय पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब ग्राम मारकुढ़ी के किसान बीजों की मिनी किट लेने पहुंचे। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि अभी मिनी किट निशुल्क नहीं मिलेगी, निशुल्क मिनी किट आगामी तीन सप्ताह बाद मिलेगी। इस सूचना पर किसानों ने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान मारकुढ़ी उदयम सिंह यादव को दी। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान ने कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से कहा कि वर्तमान समय खेती-किसानी का सीजन है। आज से तीन सप्ताह बाद यदि आप निशुल्क किट देंगे तो इसका किसानों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। शासन द्वारा उन्नत एवं रोग प्रतिरोधी फसलों के बीजों की मिनी किट मुफ्त बांटने का प्रावधान है, तो उसे निशुल्क ही देना चाहिए। ग्राम प्रधान ने अधिकारियों से कहा कि इन किसानों ने नियमानुसार दर्शन पोर्टल से पंजीकरण कराकर टोकन जरूर कराया है, ताकि उन्हें शासन से निशुल्क मिनी किट प्राप्त हो सके। परन्तु आज जब खेती-किसानी का समय बीत जाएगा तो बाद में मिनी किट वितरण का कोई उद्देश्य ही नहीं रह जाएगा। ग्राम प्रधान व किसानों की बातों का कोई असर कृषि विभाग के अधिकारियों पर नहीं पड़ा और वे अपनी बात पर अड़े रहे। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान व किसानों ने प्रदर्शन किया और प्रशासनिक अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। उत्तर प्रदेश शासकृत कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्म के तिलहन, दलहन और मोटे अनाज के बीज मुफ्त मिनी किट के रूप में प्रदान करती है। इन किटों को प्राप्त करने के लिए किसानों को दर्शन-एक पोर्टल/ऐप या नजदीकी जन सेवा केंद्र पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से होता है, जिसके बाद स्थानीय राजकीय कृषि बीज भंडार से निशुल्क मिनी किट बांटी जाती है। किसानों का आरोप है कि महीनों से कार्यालय दौड़ाया जा रहा है, परन्तु कई बार कार्यालय जाने के बाद भी उन्हें बैरंग लौटना पड़ा, जिससे किसानों में गुस्सा है। इस मौके पर ग्राम प्रधान उदयम सिंह यादव, गुलाब, कमलेश, बुद्धिराम, गोविन्द, मोला, कय्यर आदि दर्जनों किसान मौजूद रहे।

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