भाजपा ने लोकतंत्र सेनानियों को किया सम्मानित

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अमित मिश्रा

सोनभद्र। भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिला कार्यालय पर लोकतंत्र सेनानी सम्मान व गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों का मुख्यअतिथि जिला प्रभारी अनिल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल जी के द्वारा नारियल अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर सम्मान किया एवं तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी जी के द्वारा आपातकाल लगाने के विरोध में काला दिवस के रुप में मनाया गया।


इस मौके पर मुख्यअतिथि जिला प्रभारी अनिल सिंह ने कहा कि 12 जून 1975 को इंदिरा गांधी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोषी पाया और छह साल के लिए पद से बेदखल कर दिया। इंदिरा गांधी पर वोटरों को घूस देना, सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल, सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल जैसे 14 आरोप सिद्ध हुए लेकिन आदतन श्रीमती गांधी ने उन्हें स्वीकार न करके न्यायपालिका का उपहास किया। राज नारायण ने 1971 में रायबरेली में इंदिरा गांधी के हाथों हारने के बाद मामला दाखिल कराया था। जस्टिस जगमोहनलाल सिन्हा ने यह फैसला सुनाया था।


इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष भाजपा नन्दलाल ने कहा कि 24 जून 1975 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश बरकरार रखा, लेकिन इंदिरा को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बने रहने की इजाजत दी जो कि होना भी जरुरी था क्योकि राजतन्त्र में ऐसा ही होता है। 25 जून 1975 को जयप्रकाश नारायण ने इंदिरा के न चाहते हुए भी इस्तीफा देने तक देश भर में रोज प्रदर्शन करने का आह्वान किया। 25 जून 1975 को राष्ट्रपति के अध्यादेश पास करने के बाद सरकार ने आपातकाल लागू कर दिया। संजय गाँधी ने देश भर में अनिवार्य पुरुष नसबंदी का आदेश दिया। इस पुरुष नसबंदी के पीछे सरकार की मंशा देश की आबादी को नियंत्रित करना था। इसके अंतर्गत लोगों की इच्छा के विरुद्ध नसबंदी कराई गयी। कुछ लेखकों ने गांधी को उनके आधिकारिकता के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया है, और अन्य लेखकों ने उन अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए जिन्होंने स्वयं गांधी के बजाय कार्यक्रम को लागू किया था।


इस मौके पर लोकतंत्र सेनानी पूर्व विधायक तीरथराज व शिवशंकर  व सुरेन्द्र बरनवाल ने कहा कि आपातकाल के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के द्वारा चलाया गया जिसके कारण पूरे देश में इन्दिरा गांधी व कांग्रेस के खिलाफ बडे़ विरोध प्रदर्शन होने लगे जिसके कारण इन्दिरा गांधी ने लोकसभा भंग करते हुए घोषणा की कि मार्च मे लोकसभा के लिए आम चुनाव होंगे। सभी राजनैतिक बन्दियों को रिहा कर दिया गया। 23 मार्च- आपातकाल समाप्त 16-20 मार्च – 6ठे लोकसभा के चुनाव सम्पन्न। जनता पार्टी भारी बहुमत से सत्ता में आई। संसद में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 350 से घट कर 153 पर सिमट गई और 30 वर्षों के बाद केंद्र में किसी गैर-कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ। स्वयं इंदिरा गांधी और संजय गांधी चुनाव हार गए। मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने। कांग्रेस को उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में एक भी सीट नहीं मिली। नई सरकार ने आपातकाल के दौरान लिए गए निर्णयों की जाँच के लिए शाह आयोग गठित किया।


कार्यक्रम संयोजक कमलेश चौबे ने आये हुए सभी पदाधिकारी व मण्डल अध्यक्ष व उनके सहयोगी कार्यकर्ताओं सहित कार्यक्रम के अतिथियों व कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार प्रकट किया। संचालन जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी गुप्ता ने किया।


कार्यक्रम मे मुख्य रुप से लोकतंत्र सेनानी अक्षय लाल गुप्ता, रमाशंकर त्रिपाठी, विश्वनाथ सिंह, परशुराम गिरी, हरिशंकर त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।

इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष उदयनाथ मौर्या, रमेश पटेल, ओम प्रकाश दूबे, जिला महामंत्री कृष्णमुरारी गुप्ता, रामसुन्दर निषाद, जीत सिंह, संतोष शुक्ला, शंम्भू नारायण सिंह, विनोद पटेल, मण्डल अध्यक्ष दीपक दूबे, मोहरलाल खरवार, दिलिप मौर्या, राघो सिंह, सुबाष पटेल, धर्मेन्द्र शर्मा, महेन्द्र पाण्डेय, बृजेश श्रीवास्तव, राजबहादुर सिंह, राज वर्मा सहित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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