भारतीय अहिंसा सेवा संस्थान ने जरूरतमन्दो में कम्बल वितरण कर मनाया संघर्ष दिवस

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अमित मिश्रा

20 दिसम्बर 2004 का दिन कभी नही भूल सकता हूँ- विजय शंकर यादव

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद के ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र में सुभाष तिराहे पर भारतीय अहिंसा सेवा संस्थान के द्वारा 20 दिसम्बर को संघर्ष दिवस रूप मे मनाया गया। इस दौरान जरूरत मन्दो में कम्बल वितरित करते हुए भारतीय अहिंसा सेवा संस्थान के संयोजक विजय शंकर यादव ने कहा कि 20दिसम्बर 2004 का दिन मैं कभी नही भूल सकता जब मैं छात्रों के मौलिक अधिकारों की आवाज उठाते हुए 9दिन के अनवरत भुखहड़ताल के बाद अपने जीवन को भी दांव पर लगा दिया।


सोनभद्र जनपद अत्यंत पिछड़ा जिला राजनीति शिक्षा विकास के क्षेत्र में है। सोनभद्र में आज भी बहुत से क्षेत्रो युवा हाई स्कुल कि पढ़ाई पूरी नही कर पाते। 2004 में जब छात्रों के मौलिक अधिकारों कि आवाज उठाते हुए 9 दिन की भूख हड़ताल पर रहते हुए आत्मदाह जैसे आंदोलन से गुजरा। ओबरा पीजी कॉलेज में पूरे सोनभद्र जनपद से छात्र पढ़ने को आते थे।2004 में सोनभद्र जनपद में स्नातक कालेजो कि संख्या न के बराबर थी। पीजी कॉलेज ओबरा सोनभद्र छात्रों का सबसे पसंदीदा कॉलेज हुआ करता था।आदिवासी अंचलों के छात्र युवा अधिक से अधिक स्नातक कि डिग्री ले सके *हम पूरे छात्र समुदाय के आंदोलन का नेतृत्व करते हुए छात्रों के मौलिक अधिकारों कि आवाज को उठाते हुए अपने जीवन तक को दांव पर लगा दिया 20 दिसम्बर 2004 सोनभद्र में शिक्षा के वास्तविक कमजोर स्थिति को दर्शाता हुआ मेरा यह आंदोलन देश प्रदेश के सरकारो ध्यान सोनभद्र के मौजूदा शिक्षा के स्थिति के तरफ खिंचा।


इस मौके पर समाज सेवी जयशंकर भारद्वाज, राजू जायसवाल, पूर्व पुस्तकालय मंत्री आकाश जायसवाल, समाज सेवी वीरेंद्र शर्मा , अफजाल अहमद, अजय यादव, कमल वर्मा, अंतु कुमार, अमर नाथ,  सुरेन्द्र भारती, छोटू चौधरी इत्यादि संगठन के युवा व समाजसेवी उपस्थित रहे।

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