चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील परिसर में अधिवक्ता वीरेंद्र केशरी के साथ कथित मारपीट, अभद्रता और गाली-गलौज के मामले को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर बार एसोसिएशन नौगढ़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया है।

जानकारी के अनुसार, अमदहां निवासी अधिवक्ता वीरेंद्र केशरी ने नौगढ़ थाने में दर्ज कराई गई तहरीर में आरोप लगाया था कि बीते बुधवार सुबह तहसील जाते समय तहसील आवास मोड़ के पास एक भूमि के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने उक्त जमीन को वन विभाग की भूमि बताया था। आरोप है कि कुछ देर बाद तहसील परिसर में देवखत निवासी परमहंस यादव और उनके पिता लक्ष्मण यादव ने इस बात को लेकर उनसे विवाद किया तथा गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।
मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न किए जाने से अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर बार एसोसिएशन नौगढ़ की एक आवश्यक बैठक संगठन के अध्यक्ष रामचंद्र एडवोकेट की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि घटना के तीन दिन बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे अधिवक्ताओं में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक नौगढ़ बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बैठक का संचालन महामंत्री अंगद एडवोकेट ने किया।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उपजिलाधिकारी विकास मित्तल ने बताया कि अधिवक्ता वीरेंद्र केशरी से मारपीट करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
इस दौरानके.एन. मौर्य, विमलेश यादव, रजनीश यादव, बाबूलाल शर्मा, विभूति नारायण, विजय बहादुर सिंह, राजकुमार, अजीत कुमार, दिनेश कुमार सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।





