O सात मार्च तक मांगें न मानी तो 8 मार्च से कलमबंद हड़ताल
सोनभद्र -। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर गुरुवार को जनपद की लगभग 700 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।
धरना आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आयोजित किया गया। जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिछले कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की रीढ़ बनकर पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं मातृ-शिशु देखभाल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन कर रही हैं, लेकिन आज तक उन्हें न तो सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिला और न ही मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की गई।
चेतावनी दी कि यदि 7 मार्च 2026 तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान, पेंशन, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि, मेडिकल अवकाश, महंगाई भत्ता, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, कोरोना काल में रिटायर हुई कार्यकर्ताओं को पेंशन लाभ, पदोन्नति, पोषण ट्रैकर एप के लिए 5G मोबाइल व रिचार्ज-डाटा भत्ता, प्रोत्साहन राशि (PLI) को मानदेय में जोड़ने, केंद्रों के किराये का भुगतान, गुणवत्तायुक्त पोषाहार की स्थायी व्यवस्था, बीएलओ व अन्य विभागीय कार्यों से मुक्ति, मानदेय कटौती व उत्पीड़न पर रोक जैसी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो 8 मार्च 2026 को प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लखनऊ में कलमबंद हड़ताल करेंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रदेश महासचिव साधना विश्वकर्मा ने कहा कि ड्राई राशन वितरण में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका तत्काल समाप्त की जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो इसका सीधा असर आने वाले चुनावों में देखने को मिलेगा।
धरना-प्रदर्शन में कार्यवाहक अध्यक्ष उर्मिला सिंह, जिला मंत्री विभा सिंह, शशिकिरण, माधुरी पाण्डेय, हेमलता, सुनीता, दिप्ती सिंह, इंद्रावती, प्रियंका पाण्डेय, जानकी प्रधान, गीता, रेनु सिंह, रेखा, विंध्यवासिनी, साधना श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।







