अमित मिश्रा
पत्रकारिता की आत्मा निष्पक्ष, यह हमेशा परिवर्तन की पैरोकार
पत्रकारिता दायित्वों की कसौटी विषय पर आयोजित हुई गोष्ठी
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सोनभद्र नगर स्थित एक होटल के सभागार में दायित्वों की कसौटी पर पत्रकारिता विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर ने किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की आत्मा निष्पक्षता है। सत्ता और पत्रकारिता के बीच सदैव छत्तीस का आंकड़ा रहता है। सत्ता यथास्थिति चाहती है तो पत्रकारिता परिवर्तन की पैरोकार है।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र नीरव, रामनाथ शिवेंद्र, विमल जालान, रविंद्र केशरी, आदि वक्ताओं ने पत्रकारिता के विविध आयामों पर प्रकाश डालते हुए पत्रकारिता कर्म में आने वाली विसंगतियों को रोचक ढंग से रेखांकित किया। कहा गया वैश्विक परिदृश्य में सोनभद्र जिला नहीं एक समग्र देश के रूप में परिलक्षित हो रहा है। सच, निष्पक्षता, विश्वसनीयता, देश हित और जन हित में पत्रकारिता के दायित्व निर्वहन की आवश्यकता समझाई गई।
इस दौरान उपस्थित पत्रकारों, साहित्यकारों को अंगवस्त्र, डायरी, कलम और माल्यार्पण के साथ सम्मानित किया गया।
इस मौके पर राम प्रसाद यादव, बृजेश शुक्ला, अरविंद तिवारी, मनीष जायसवाल, जलाल हैदर, चंद्रकांत देव पाण्डेय, रामप्रसाद यादव, गिरीश पाण्डेय, पीयूष तिवारी, बृजेश पाठक, मुनिमहेश शुक्ल, शशि कांत चौबे, कौशलेंद्र पाण्डेय,सचिन गुप्ता, अमित मिश्रा, दीपक शुक्ला, नीरज शुक्ला, प्रमोद चौबे , चिन्ता पाण्डेय, दिनेश पाण्डेय व इमरान बक्शी आदि पत्रकार मौजूद रहे।







