वीरेन्द्र कुमार
51 वर्षों की परंपरा का पूर्व जिला जज ने फीता काटकर किया शुभारम्भ
विंढमगंज/सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। 51वें श्री शंकर झंकार नाट्यकला परिषद के नाट्य मंचन का भव्य शुभारंभ महुअरिया गांव में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जिला जज राजन चौधरी ने फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में समिति के अध्यक्ष एवं महुली ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि राजन चौधरी ने कहा कि नाट्यकला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को शिक्षा, संस्कार, नैतिकता और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी है। कलाकार अपने अभिनय और प्रभावशाली संवादों के जरिए समाज में व्याप्त कुरीतियों, बुराइयों और सामाजिक विसंगतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य करते हैं। 51 वर्षों से इस सांस्कृतिक परंपरा को निरंतर जीवंत बनाए रखने के लिए नाट्यकला परिषद के पदाधिकारियों, कलाकारों और क्षेत्रवासियों की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन समिति के उपाध्यक्ष सेकरार अहमद ने किया।
‘जहरीली नागिन उर्फ लक्ष्मण रेखा’ नाटक ने बांधा समां
नाट्य मंचन के प्रथम दिन ‘जहरीली नागिन उर्फ लक्ष्मण रेखा’ नाटक का शानदार मंचन किया गया। नाटक की कहानी प्रेम, पारिवारिक रिश्तों, आपसी विश्वास, छल-कपट और संघर्ष जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक एवं पारिवारिक पहलुओं पर आधारित रही।
नाटक में नसर की भूमिका कलामुद्दीन, सुरमोला की लालमणि शर्मा और अमर की भूमिका अवधेश कुमार शर्मा ने निभाई। वहीं थापा के किरदार में समशाद आलम, विकास के रूप में डॉ. कलाम, शुकुलला के रूप में विक्की कुमार शर्मा, रचना के रूप में जोगेंद्र सिंह तथा वीरबहादुर की भूमिका में रमेश शर्मा ने अपने अभिनय का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अरविंद जायसवाल, मनोज कुमार भारती, डॉ. राकेश कुमार कन्नौजिया, विनोद कन्नौजिया, डॉ. अब्दुल कलाम, अवधेश कुमार शर्मा (पूर्व डायरेक्टर), राजेश शर्मा (डायरेक्टर), जसवंत शर्मा, चंद्र प्रकाश प्रजापति, विनय कुमार कन्नौजिया, अनंत सिंह, महेंद्र पुरी और दीपक कुमार कन्नौजिया सहित समिति के पदाधिकारी, कलाकार एवं क्षेत्र के सैकड़ों दर्शक मौजूद रहे।










