सोनभद्र। नगर के ऐतिहासिक श्री रामलीला मैदान में आयोजित 125वें वर्ष की पारंपरिक रामलीला के दूसरे दिन का मंचन भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। आदर्श श्री रामलीला मंडल पिपलेश्वर धाम सिंगरौली के कलाकारों ने रावण जन्म, राक्षस अत्याचार और भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की लीला का सजीव चित्रण किया।
लीला में दिखाया गया कि लंका में रावण, कुंभकर्ण और विभीषण का जन्म और तीनों की घोर तपस्या। ब्रह्मा जी से वरदान के समय मां सरस्वती की प्रेरणा से कुंभकर्ण इंद्रासन की जगह निद्रासन मांग बैठता है, बाद में उसे छह माह में एक दिन जागने का वरदान मिलता है।
इसके बाद राजा दशरथ और माता कौशल्या के यहां पुत्र प्राप्ति हेतु यज्ञ और श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के प्राकट्य की लीला मंचित हुई। नारायण के चतुर्भुज रूप और बाल रूप दर्शन पर पूरा पंडाल जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। भव्य आतिशबाजी हुई, बच्चों में खिलौने और मिष्ठान्न वितरित किए गए तथा बाल स्वरूपों के नामकरण की झांकी प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। समिति के संरक्षक जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष पवन कुमार जैन और कोषाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने आरती उतारी। इस अवसर पर आनंद मिश्रा, प्रमोद गुप्ता, भरत मिलाप समिति संयोजक चंदन केसरी, रविंद्र केसरी, चंद्र कुमार केजरीवाल, सुशील पाठक (लोढ़ी) सहित बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।









