घर-जमीन डूबने से परेशान ग्रामीणों ने मांगा स्थायी पुनर्वास, जताया आक्रोश

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O- कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को सौंपा ज्ञापन, 12 तक समाधान नहीं तो 15 से भूख हड़ताल की चेतावनी

सोनभद्र। कजियारी गांव में जलस्तर बढ़ने से घर और कृषि भूमि डूबने की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। ज्योति जनसेवा ट्रस्ट के नेतृत्व में प्रभावित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्थायी पुनर्वास की मांग की। ग्रामीणों ने डूबे घरों के बदले सुरक्षित स्थान पर घर और कृषि भूमि के बदले कृषि योग्य जमीन देने की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने कहा कि कई वर्षों से घर और कृषि भूमि प्रभावित होने के कारण खेती और आजीविका का संकट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल मुआवजा नहीं, बल्कि घर के बदले घर और जमीन के बदले जमीन चाहिए। स्थायी समाधान होने तक सिंचाई विभाग से जलस्तर 45 फीट किए जाने का लिखित आश्वासन भी मांगा गया। इससे उपलब्ध कृषि भूमि पर गेहूं, चना और मसूर आदि की फसल बोई जा सकेगी।
ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन की ओर से सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर प्रस्तावित धरना स्थगित किया गया है। प्रशासन को 12 अक्टूबर तक मांगों के ठोस समाधान का समय दिया गया है। समाधान नहीं होने पर 15 अक्टूबर से शांतिपूर्ण भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
ग्रामीणों ने कहा कि घर और जमीन का उचित पुनर्वास होने के बाद जलस्तर 65 फीट किए जाने पर उन्हें आपत्ति नहीं होगी। उनका उद्देश्य अशांति उत्पन्न करना नहीं, बल्कि घर, कृषि भूमि और आजीविका की सुरक्षा का स्थायी समाधान कराना है।
प्रदर्शन में नंदू, गोविंद, रामराज, मीना, लालती, इंद्रावती, चंद्रावती, अनिल कुमार, रामलखन, शिवमूरत, अयोध्या, रामभजन, रामधारी, ओमप्रकाश, कन्हैया, दीनानाथ, रामबचन आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

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