नवीन कुमार
अमवार कनहर व ओबरा बांध के फाटक खुलने से बढ़ा जलस्तर,
यूपी-बिहार को जोड़ने वाला पटवध-बसुहारी मार्ग भी जलमग्न; पानी में फंसे वाहन, ग्रामीणों में दहशत
कोन/सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में लगातार हो रही बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सोन नदी के बढ़ते जलस्तर का असर कोन क्षेत्र के निचले इलाकों और प्रमुख संपर्क मार्गों पर साफ दिखाई देने लगा है। रानीडीह-पिंडारी मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे पिंडारी सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों का कोन बाजार से संपर्क प्रभावित हो गया है। वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाला पटवध-बसुहारी मार्ग भी पानी में डूब गया है, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन बाधित हो गया।
मंगलवार सुबह पिंडारी क्षेत्र में सड़क पर कई स्थानों पर पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी इतना अधिक है कि वाहन पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जबकि ग्रामीणों को घुटने तक पानी में पैदल चलकर रास्ता पार करना पड़ रहा है। तस्वीरों में सड़क पर भरा पानी और उसमें फंसे वाहन क्षेत्र में बनी गंभीर स्थिति को बयां कर रहे हैं।
बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ी मुश्किल
ग्रामीणों के अनुसार लगातार बारिश के बीच अमवार कनहर बांध और ओबरा बांध के फाटक खोले जाने से सोन नदी का जलस्तर बढ़ा है। नदी का पानी निचले इलाकों की ओर फैलने के साथ ही संपर्क मार्गों पर भी पहुंच गया है। इससे रानीडीह, पिंडारी सहित आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
सड़क जलमग्न होने से कोन बाजार पहुंचने में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। जरूरी सामान, दवा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बाजार जाने वाले लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पटवध-बसुहारी मार्ग पर पानी भरने से बिहार की ओर जाने वाले लोगों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
रात में मोटरसाइकिल से ग्रामीणों ने की निगरानी
सोन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पिंडारी विदेश कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रात में मोटरसाइकिल से गश्त कर नदी के जलस्तर की निगरानी की। ग्रामीणों ने तटवर्ती और निचले इलाकों में जाकर स्थिति का जायजा लिया तथा लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने ग्रामीणों से कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में कोई भी व्यक्ति जलमग्न मार्ग या नदी के किनारे जाने का जोखिम न उठाए। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा रात में अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की गई।
बढ़ते जलस्तर पर टिकी निगाहें
सोन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से ग्रामीणों की निगाह अब नदी के पानी पर टिकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो आसपास के अन्य निचले इलाकों में भी पानी पहुंच सकता है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, जलस्तर की लगातार जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।






