सोनभद्र। बीते 22 अगस्त को रेनुकूट में सड़क किनारे परेशान हालत में रो रहे 9 वर्षीय बालक को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम ने रेस्क्यू कर उसके परिजनों से मिलाया।
सूचना पर टीम सदस्य धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे और बालक को सुरक्षित किया। बालक ने अपना नाम आयुष, पिता बजरंगी और माता लक्ष्मी देवी बताया, लेकिन गांव का नाम नहीं बता पाया। टीम की काउंसलिंग के बाद उसने घर के आसपास के स्थानों के नाम बताए, जिसके आधार पर बिहार और झारखंड के कई जिलों से संपर्क किया गया। एक सप्ताह की मशक्कत के बाद पता चला कि बालक गया जनपद का रहने वाला है।
परियोजना समन्वयक ने संबंधित थाने से संपर्क कर परिजनों को सूचना दी। परिजनों के सोनभद्र पहुंचने पर बालक को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मां-बेटे के मिलन का दृश्य भावुक कर देने वाला रहा। सीडब्ल्यूसी के आदेश पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर बालक को परिजनों को सौंप दिया गया।
परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह ने अपील की कि कोई भी बच्चा अकेला या मुसीबत में दिखे तो 1098 पर कॉल करें।






