अमित मिश्रा
O- छह प्रमुख मार्गों के निर्माण और मरम्मत की मांग, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन; समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
सोनभद्र (उत्तरप्रदेश)। जिले के विकासखंड रॉबर्ट्सगंज की ग्राम पंचायत बेलछ में जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर गांव के जर्जर संपर्क मार्गों के निर्माण एवं मरम्मत की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के टेकमा टोला में कई सड़कें लंबे समय से बदहाल हैं। सड़कें जगह-जगह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक खराब सड़कों के कारण पैदल राहगीरों के साथ-साथ बाइक और टेंपो चालकों को भी जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ता है।
छह मार्गों के निर्माण-मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने ज्ञापन में छह प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बनवाने अथवा मरम्मत कराने की मांग की है,
- शिव सागर चेरो के घर से मोरइया पहाड़ी तक लगभग 2 किलोमीटर
- गुलाब चेरो के घर से बच्चा यादव के घर तक लगभग 700 मीटर
- संजय के घर से रविंदर के घर तक लगभग 1 किलोमीटर
- रामलखन के घर से कोलेश्वर के घर तक लगभग 700 मीटर
- संपर्क मार्ग से रामकुंवर के घर तक लगभग 1 किलोमीटर
- शंकर पटारी के घर से चेरो बस्ती संपर्क मार्ग तक लगभग 800 मीटर कच्चा मार्ग
ग्रामीणों ने इसके अलावा महेंद्र प्रताप के घर से अकलवा संपर्क मार्ग तक सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बेलछ-सलखन मुख्य संपर्क मार्ग की हालत भी खराब हो चुकी है और जगह-जगह सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है।
आवागमन बना चुनौती
ग्रामीणों के मुताबिक जर्जर मार्गों के कारण रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ जरूरी सेवाओं तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है। बाइक और टेंपो चालकों को गड्ढों और खराब रास्तों के बीच आवाजाही करनी पड़ती है, जबकि पैदल चलने वालों को भी काफी परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सभी चिन्हित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कराकर निर्माण और मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि गांव के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सड़क की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और व्यापक करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन और संबंधित विभाग कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और वर्षों से बदहाल बताए जा रहे इन संपर्क मार्गों की स्थिति कब तक सुधरती है।






